हांसी:- आम आदमी पार्टी ने कहा है कि हरियाणा की पर्ची - खर्ची वाली सरकार के मंत्री अनिल विज के श्रम विभाग में 1500 करोड़ का पर्ची घोटाला हुआ है, ईमानदार सैनी सरकार पोल खुलने के डर से अपराधियों को सुरक्षा कवच देने और मामले को दबाने की तिकड़मबाजी में जुटी है।
प्रेस को जारी बयान में पार्टी के जिला प्रधान राजेन्द्र सोरखी ने कहा है कि श्रम विभाग के कैबिनेट मंत्री अनिल विज के इस विभाग में अगस्त 2023 से मार्च 2025 के बीच जारी की गई वर्क-स्लिपों में भारी गड़बड़ी हुई। मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व में पिछली सरकार के दौरान उपमुख्यमंत्री रहे दुष्यंत चौटाला व सरकार में श्रम विभाग के मंत्री रहे अनूप धानक का कार्यकाल भी संदेह के घेरे में आ गया है।
राजेंद्र सोरखी ने कहा कि आंकड़े बताते हैं कि 13 जिलों में हुई जांच में लगभग 5.99 लाख वर्क-स्लिप में से सिर्फ 53 हजार ही सही पाई गईं, जबकि 5.46 लाख से ज्यादा फर्जी निकलीं। मजदूरों के नामों में भी यही हाल रहा। 2.21 लाख में से केवल 14 हजार असली पाए गए, ये सब फर्जीवाड़ा चलता रहा और सरकार तथा अधिकारी नींद में सोते रहे।
राजेन्द्र सोरखी ने मांग की कि पूरे मामले की तह तक जाकर जांच की जाए और सभी दोषियों को बेनकाब किया जाए। घोटाला और बड़ा होने की संभावना है। भ्रष्टाचार की खुलती परतों में सामने आया है कि कई जगहों पर पूरे-पूरे गांवों का फर्जी रजिस्ट्रेशन कर दिया गया और जो लोग हकदार नहीं थे, वे योजनाओं का फायदा लेते रहे। एक व्यक्ति को अलग-अलग योजनाओं से करीब 2.5 लाख रुपये तक का लाभ मिला, जिससे सरकारी कोष को करोड़ों का नुकसान हुआ।
भ्रष्टाचार पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की बात करने वाली सरकार की नाक के नीचे ये सब चलता रहा और जब मामला पकड़ में आया तो मंत्री सिर्फ चिट्ठी लिखकर जांच की बात कर रहे हैं और दोषियों को खुला छोड़ कर उन्हें सुबूत मिटाने का पूरा अवसर दे रहे हैं। इस लीपापोती से सवाल उठता है कि 'सिस्टम जागा है या सिर्फ फाइलें'?
हरियाणा सरकार जवाब दे कि क्या ये घोटाला भी जांच के नाम पर बड़ी फाइलों के नीचे दबा दिया जायेगा या जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई होगी।
