मोहाली:- जनरल कैटेगरी वेलफेयर फेडरेशन पंजाब के राज्य स्तरीय नेताओं सुखबीरइंदर सिंह, रणजीत सिंह सिद्धू, दिलबाग सिंह, प्रदीप सिंह रंधावा, हरचंद सिंह, सुरिंदर कुमार सैनी, कपिल देव पराशर और जसवीर सिंह गरांग ने प्रेस नोट जारी करते हुए भारतीय जनता पार्टी से केंद्र में जनरल कैटेगरी कमीशन बनाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जनरल कैटेगरी के लोगों के पास अपनी समस्याएं बताने के लिए कोई न कोई मंच होना चाहिए। 
नेताओं ने कहा कि जनरल कैटेगरी में भी बहुत सारे गरीब लोग हैं जो सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं ले सकते क्योंकि वे जनरल कैटेगरी में आते हैं। आज के समय की मुख्य मांग है कि सरकारी सुविधाएं जाति के बजाय आर्थिक आधार पर मिलनी चाहिए, चाहे जाति कोई भी हो, क्योंकि गरीबी जाति देखकर नहीं आती। गरीब तो किसी भी जाति में हो सकते हैं।
नेताओं ने कहा कि अनुसूचित जातियों में भी क्रीमीलेयर की सीमा तय करना बेहद जरूरी है ताकि एससी कैटेगरी के गरीबों को सरकारी सुविधाओं का लाभ मिल सके। पिछले समय में यह देखने में आया है कि अनुसूचित जाति के अमीर लोग ही पीढ़ी दर पीढ़ी आरक्षण का लाभ ले रहे हैं, जिन्हें आरक्षण की कोई जरूरत ही नहीं है। समानता वाला समाज बनाने के लिए सरकारी सुविधाएं केवल गरीब लोगों को ही मिलनी चाहिए।
नेताओं ने पंजाब सरकार के प्रति नाराजगी जताते हुए कहा कि पंजाब सरकार जनरल कैटेगरी के लोगों के साथ खुलेआम भेदभाव कर रही है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस सरकार ने वर्ष 2021 में जनरल कैटेगरी कमीशन बनाया था, लेकिन वर्तमान पंजाब सरकार ने न तो उस कमीशन का कोई दफ्तर खोला है और न ही कोई दफ्तरी अमला नियुक्त किया है। जनरल कैटेगरी के पहले चेयरमैन डॉ. नवजोत दहिया ने विधायक का चुनाव लड़ने के कारण इस्तीफा दे दिया था। 
लेकिन पंजाब सरकार के साढ़े चार साल बीत जाने के बाद भी कमीशन का चेयरमैन नियुक्त नहीं किया गया है, जबकि फेडरेशन तब से ही बार-बार पत्र लिखकर चेयरमैन, वाइस चेयरमैन और अन्य सदस्य नियुक्त करने की मांग करती आ रही है। पंजाब सरकार के इस पक्षपाती रवैये के कारण जनरल कैटेगरी के लोगों में भारी रोष पाया जा रहा है।
फेडरेशन के नेताओं ने पंजाब के मुख्यमंत्री से मांग की कि जनरल कैटेगरी कमीशन का चेयरमैन बिना देरी के नियुक्त किया जाए। साथ ही बीजेपी से मांग की कि केंद्र में भी जनरल कैटेगरी कमीशन का गठन किया जाए।