चंडीगढ़, 8 जुलाई- 9 जुलाई (बुधवार) को देशभर में एक बड़ा विरोध प्रदर्शन होने जा रहा है। केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ 25 करोड़ से ज़्यादा कर्मचारी और मज़दूर भारत बंद में हिस्सा लेंगे। उनका आरोप है कि सरकार की नीतियाँ मज़दूर विरोधी, किसान विरोधी और कॉर्पोरेट समर्थक हैं। इस हड़ताल का देशभर में व्यापक असर पड़ने की उम्मीद है। आर्थिक नुकसान के साथ-साथ कई प्रमुख सेवाएँ भी प्रभावित हो सकती हैं।
इस देशव्यापी आंदोलन का आह्वान 10 प्रमुख केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और उनके सहयोगी संगठनों ने किया है। इन यूनियनों का कहना है कि सरकार श्रम कानूनों में बदलाव से लेकर सार्वजनिक संस्थानों के निजीकरण तक कई ऐसे कदम उठा रही है जो मज़दूर वर्ग के हितों के ख़िलाफ़ हैं।
कौन सी सेवाएँ प्रभावित होंगी?
बैंकिंग और बीमा, डाक और कोयला खनन, राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण, सरकारी निर्माण परियोजनाएं, राज्य परिवहन सेवाएं (कई राज्यों में) इन क्षेत्रों में काम बंद होने से करोड़ों रुपये का नुकसान होने की आशंका है।
9 जुलाई को भारत बंद का ऐलान! 25 करोड़ से ज़्यादा कर्मचारी सड़कों पर होंगे, बैंकिंग समेत कई सेवाएँ बाधित रहेंगी।
