साहिबज़ादा अजीत सिंह नगर, 17 मार्च, 2026: मोहाली के लिए 79वीं ज़िला परामर्शदात्री समिति (डीसीसी) की बैठक आज डीसी कार्यालय में श्रीमती सोनम चौधरी, एडीसी (ग्रामीण विकास), एसएएस नगर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में मुख्य गणमान्य व्यक्ति श्री पंकज आनंद (सर्कल हेड, पीएनबी), श्री एम.के भारद्वाज (मुख्य एलडीएम, मोहाली), श्री दीपक सिंगला (एलडीओ आरबीआई), सुश्री आँचल शर्मा (डीडीएम नाबार्ड) और श्री उपकार सिंह (राज्य निदेशक, आर.एस.ई ) उपस्थित थे, साथ ही बैंकों और सरकारी विभागों के अधिकारी भी मौजूद थे।
अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि दिसंबर तिमाही के लिए निर्धारित वार्षिक ऋण योजना के लक्ष्य को पार कर लिया गया है; 75% के आनुपातिक लक्ष्य के मुकाबले 97% उपलब्धि हासिल की गई है। उन्होंने कहा कि ज़िले की उपलब्धि कृषि क्षेत्र में 84%, एमएसएमई क्षेत्र में 104% और अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में 68% रही है। ज़िले की कुल उपलब्धि 97% है। उन्होंने यह भी बताया कि ज़िले का ऋण-जमा (सीडी) अनुपात 116% है, जबकि राष्ट्रीय लक्ष्य 60% निर्धारित है।
एडीसी सोनम चौधरी ने बैंकरों के प्रदर्शन की सराहना की और उन्हें सरकार द्वारा प्रायोजित योजनाओं पर अधिक ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने यह भी कहा कि बैंक अर्थव्यवस्था के आधार स्तंभ हैं और लक्ष्यों को प्राप्त करने तथा समाज के पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए बैंकिंग समुदाय से 'मिशन मोड' दृष्टिकोण की आवश्यकता है।
श्री एम.के भारद्वाज ने निजी क्षेत्र के बैंकों से आग्रह किया कि वे भारत सरकार द्वारा शुरू की गई सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, जैसे कि प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और अटल पेंशन योजना पर विशेष ध्यान दें। भारतीय रिज़र्व बैंक के श्री दीपक सिंगला (एलडीo) ने कहा कि सभी बैंकों को डिजिटलीकरण से छूटे हुए सभी खातों को शामिल करने के लिए विशेष प्रयास करने चाहिए, ताकि हमारा ज़िला जून 2026 तक 100% डिजिटलीकरण का लक्ष्य हासिल कर सके। उन्होंने आगे कहा कि बैंक शाखाओं को भारतीय रिज़र्व बैंक के दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने ग्रामीण लोगों के बीच वित्तीय साक्षरता और डिजिटल जागरूकता बढ़ाने पर भी ज़ोर दिया। भारतीय रिजर्व बैंक की सीएफएल पहल पर भी चर्चा की गई।
नाबार्ड की श्रीमती आँचल शर्मा ने ज़िले में कृषि विकास को बढ़ाने और इस उद्देश्य के लिए SHG, JLG, AIF, PMFME आदि के दायरे का उपयोग करने पर ज़ोर दिया।
श्री पंकज आनंद (डीजीएम, पंजाब नेशनल बैंक) ने प्रतिभागियों को धन्यवाद दिया और निरंतर प्रयासों की अपील की; साथ ही, उन्होंने सभी डीसीओ s को बैठक के लिए अच्छी तरह से तैयार रहने की सलाह दी। बैठक का समापन मोहाली में बैंकिंग सेवाओं को और बेहतर बनाने की प्रतिबद्धता के साथ हुआ।