नवांशहर, 1 जून: ऑल इंडिया आदि धर्म मिशन की राष्ट्रीय चेयरमैन बीबी कमलेश कौर घेड़ा और राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री एल.आर. विर्दी के दिशा-निर्देशों के अनुसार, आदि धर्म मंडल की 100वीं शताब्दी मनाने के लिए श्री गुरु रविदास ऐतिहासिक धर्म स्थल चरणछोह गंगा अमृतकुंड सचखंड श्री खुरालगढ़ साहिब में एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता समिति के चेयरमैन और सेवानिवृत्त जिला शिक्षा अधिकारी श्री नाजर राम मान ने की। इसमें समिति के प्रधान संत सुरिंदर दास सहित सभी नेताओं और सदस्यों ने भाग लिया और प्रस्तावित योजनाओं पर सर्वसम्मति से मुहर लगाई।
संबोधन करते हुए चेयरमैन श्री नाजर राम मान ने कहा कि बाबू मंगू राम मुगोवालिया ने उस समय अछूत समझे जाने वाले लोगों का माहिलपुर के पास मुगोवाल गांव में 11-12 जून 1926 को एक बड़ा सम्मेलन बुलाया था, जिसमें करीब 10 हजार लोग शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि आदि धर्म मंडल का यह कारवां हालांकि हजारों मील लंबा हो चुका है, लेकिन हमें इसे अपने मंजिल-ए-मकसूद तक पहुंचाने के लिए दिन-रात एक करना होगा ताकि भारत देश में अपने पूर्वजों का राज स्थापित कर कौम के गले से गुलामी की जंजीरें तोड़ी जा सकें।
समिति के प्रधान संत सुरिंदर दास ने कहा कि शताब्दी मनाने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। देश के अलग-अलग राज्यों में उनकी टीमों ने प्रचार किया है, जिसके चलते भारत के कोने-कोने से संगत का एक बड़ा जमावड़ा 11-12 जून 2026 को श्री खुरालगढ़ साहिब में होने जा रहा है। उन्होंने बताया कि कमेटी ने सभी प्रबंध पूरे कर लिए हैं और सदस्यों को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं।
कार्यक्रमों की श्रृंखला 10 जून से शुरू होगी, जिसमें वे काफिले के रूप में मुगोवाल गांव जाकर बाबू मंगू राम जी की प्रतिमा पर हार पहनाएंगे और गढ़शंकर में बाबू जी की समाधि पर नतमस्तक होंगे। 11 जून की रात को विभिन्न गायक और मिशनरी वक्ता बाबू मंगू राम मुगोवालिया के जीवन और संघर्ष पर प्रकाश डालेंगे और विशिष्ट लोगों को सम्मानित किया जाएगा। 12 जून को दिन में आवश्यक रस्मों के बाद कीर्तनी जत्थे और वक्ता विशेष इतिहास पर चर्चा करेंगे।
इस मौके पर खजांची संत करम चंद, सहायक खजांची और बाबू मंगू राम मुगोवालिया के पोते मंजीत मुगोवालिया, मुख्य ग्रंथी संत गिरधारी लाल, स्वागत समिति प्रभारी जगदीश कुमार, प्रेस सचिव गुरबख्श सिंह महे, बाबा दयाल चंद बंगा, पूर्व डीएसपी हरबंस सिंह, प्रचारक ज्ञान चंद गंगड़, जरनैल सिंह कुल्लेवाल, सोम नाथ, डॉ. सतपाल, महिंदर सिंह, पी.एल. सूद और बलविंदर कुमार ने भी विचार रखे और अपनी जिम्मेदारियां संभालीं।