होशियारपुर- सिविल सर्जन होशियारपुर डॉ. पवन कुमार शगोत्रा के निर्देशानुसार जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सीमा गर्ग, शहरी क्षेत्रों के सीनियर एल.एच. विज. और ए.एन.एम. ने व्यापक विचार-विमर्श किया। इसका मुख्य उद्देश्य शहरी, ग्रामीण और स्लम क्षेत्रों में झगड़ों को रोकने, जागरूकता को बढ़ावा देने और अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए योजना और रणनीति बनाना था। 
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सीमा गर्ग ने संबोधित करते हुए कहा कि खसरा बच्चों में होने वाली एक गंभीर बीमारी है, जो दुनिया भर में बच्चों के लिए सबसे घातक है। लेकिन डायरिया से बचाव और समय पर इलाज किया जा सकता है। 
स्वास्थ्य विभाग लोगों को इसके प्रति जागरूक करने के लिए स्टॉप द डस्ट अभियान चला रहा है। इसके तहत गांव स्तर पर लोगों को विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से डायरिया के कारणों, इसकी रोकथाम और उपचार के तरीकों के बारे में जागरूक किया जाना है। उन्होंने कहा कि दूषित पानी, दूषित भोजन और स्वच्छता की कमी के कारण बच्चे डायरिया का शिकार हो जाते हैं। 
यह बीमारी एक बच्चे से दूसरे बच्चे में फैल सकती है। अगर समय रहते दस्त को न रोका जाए तो बच्चे की जान भी जा सकती है। इसलिए विभाग द्वारा हर साल लोगों को जागरूक करने के लिए यह अभियान चलाया जाता है। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में इस बीमारी के फैलने का खतरा अधिक रहता है, इसलिए यह अभियान 31 जुलाई तक एक महीने के लिए मनाया जा रहा है। 
उन्होंने कहा कि इस दौरान सभी स्वास्थ्य संस्थानों में ओआरएस और जिंक कॉर्नर सुनिश्चित किए जाएं और ओआरएस घोल कहां तैयार करना है, इसके बारे में बताया जाए। उन्होंने कहा कि आशा वर्कर और स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर महिलाओं को स्वच्छता बनाए रखने के बारे में जानकारी दें।