नवांशहर (देस राज बाली):- पंजाब सरकार के ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के तहत जिला प्रशासन द्वारा नशों के खिलाफ चलाई जा रही जागरूकता मुहिम के अंतर्गत 9 अक्तूबर को जिला शहीद भगत सिंह नगर के 19 गांवों में लोगों को नशों के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया। इस अभियान के दौरान ग्राम रक्षा समितियों ने सक्रिय भूमिका निभाते हुए ग्रामीणों को नशों के खिलाफ एकजुट होने और सामाजिक जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया।

यह जागरूकता अभियान मेहंदीपुर, गढ़ी फतेह खां, चकदाना, जाडला, जब्बोवाल, रत्तेवाल खुर्द, सूरापुर, धौल, बेला ताजोवाल, आदोआणा, जलालपुर, धकधाणा, थानवाला, फराला, संधवां, खोतरां, नागरा, सकोहपुर और बखलौर गांवों में चलाया गया।

इस दौरान लोगों को नशों से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही युवाओं को नशों से दूर रखने, उन्हें खेलों और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने तथा नशों की रोकथाम के लिए लोगों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

नशा मुक्ति मोर्चा के दोआबा प्रभारी अतिन अग्निहोत्री ने कहा कि नशों के खिलाफ लड़ाई को सफल बनाने के लिए हर गांव और हर परिवार की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने लोगों से नशों के खिलाफ जागरूकता फैलाने और युवाओं को सही दिशा दिखाने के लिए आगे आने की अपील की।

जिला समन्वयक दिनेश सूरी ने कहा कि नशों की रोकथाम के लिए निरंतर जागरूकता, पारिवारिक सहयोग और सामाजिक एकता बहुत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि लोगों के सहयोग से नशामुक्त समाज के निर्माण की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकते हैं।

जिला उप-समन्वयक बलजीत राम ने कहा कि युवा देश और समाज का भविष्य हैं, इसलिए उन्हें नशों से बचाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने ग्रामीणों से जागरूकता अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने और जरूरतमंद लोगों को इलाज एवं पुनर्वास के लिए प्रेरित करने की अपील की।

लोगों से अपील की गई कि वे ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान का हिस्सा बनें और प्रशासन, ग्राम रक्षा समितियों तथा सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर नशामुक्त समाज के निर्माण में अपना योगदान दें।