करनाल,16 जनवरी:- कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव तथा स्वतंत्रता सेनानी के उत्तराधिकारी रमेश सैनी ने पंजाब की भगवंत मान सरकार द्वारा पंजाब केसरी समाचार पत्र की प्रेस एवं उससे जुड़े सहयोगी संस्थानों पर की गई कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने इसे मीडिया पर तानाशाही और बर्बर हमला करार दिया।
रमेश सैनी ने कहा कि देश को स्वतंत्र कराने में पंजाब केसरी का अतुलनीय योगदान रहा है। देशविरोधी ताकतों और आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष करते हुए पंजाब केसरी के संस्थापक लाला जगत नारायण और उनके परिवार ने शहादत दी। आतंकवाद से देश को बचाने के लिए पंजाब केसरी परिवार के अनेक सदस्यों ने अपने प्राण न्यौछावर किए। यह समाचार पत्र लाला लाजपत राय की विरासत को संजोए हुए है और निष्पक्ष व निडर पत्रकारिता का प्रतीक रहा है।
उन्होंने कहा कि ऐसे प्रतिष्ठित समाचार पत्र और परिवार पर आम आदमी पार्टी की सरकार द्वारा किया गया प्रहार लोकतंत्र विरोधी है। स्वतंत्रता सेनानी परिवार से आने वाले कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव एवं वरिष्ठ लेखक रमेश सैनी ने कहा कि भगवंत मान सरकार ने पंजाब केसरी पर हमला बोलकर अपनी छोटी मानसिकता का परिचय दिया है।
रमेश सैनी ने कहा कि सरकार द्वारा की गई यह कार्रवाई इस बात का प्रमाण है कि पंजाब सरकार अपने दायित्वों का निर्वहन करने में पूरी तरह विफल हो चुकी है। चेतावनी भरे शब्दों में उन्होंने कहा कि कलम पर हमला करने वाली सरकार हर मोर्चे पर असफल हो जाती है। ऐसा प्रतीत होता है कि पंजाब में अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति बना दी गई है।
उन्होंने कहा कि सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले समाचार पत्र पर हमला कर सरकार अपनी संकीर्ण सोच का प्रदर्शन कर रही है। जब-जब सरकारें अपनी जिम्मेदारियों से भटकी हैं, तब-तब प्रिंट मीडिया ने आगे बढ़कर अपनी कलम के माध्यम से जनता को सच्चाई से अवगत कराया है। पंजाब केसरी समाचार पत्र पर की गई कार्रवाई की जितनी भी निंदा की जाए, वह कम है।
कलम पर वार या लोकतंत्र पर हमला भगवंत मान सरकार पर बरसे रमेश सैनी
