हांसी:–भारत स्वाभिमान एवं पतंजलि योग समिति द्वारा आर्य समाज मंदिर, हांसी में संचालित नियमित प्रातःकालीन योग कक्षा में आज आर्य समाज मंदिर के प्रधान सत्यपाल मलिक एवं वैदिक विद्वान सत्यदेव शास्त्री मुख्य अतिथि के रूप में पधारे। पतंजलि योग परिवार द्वारा दोनों अतिथियों का पुष्पमाला पहनाकर एवं ओ३म् स्मृति-चिह्न भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया गया।
इस अवसर पर सत्यदेव शास्त्री ने अष्टांग योग के आठ अंग—यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान एवं समाधि—का विस्तारपूर्वक वर्णन करते हुए कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक एवं आध्यात्मिक विकास का संपूर्ण विज्ञान है। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास एवं वैदिक जीवनशैली अपनाकर ही स्वस्थ, संस्कारित एवं नशामुक्त समाज का निर्माण किया जा सकता है।
आर्य समाज मंदिर के प्रधान सत्यपाल मलिक ने भारत स्वाभिमान एवं पतंजलि योग समिति द्वारा समाजहित में किए जा रहे योग-जागरण अभियान की सराहना करते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक को प्रतिदिन योग अपनाकर स्वयं तथा परिवार को स्वस्थ रखने का संकल्प लेना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में कक्षा संचालक अशोक नित्य योगी ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित साधकों का आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर फते सिंह, चिमन लाल नारंग, सतीश मित्तल, प्रवीण भाटिया, मोनू ठकराल, राजकुमार, ममता गोयल, कविता चोपड़ा, मधु, वीना पंडित सहित पतंजलि योग परिवार के अनेक साधक उपस्थित रहे।