गढ़शंकर - आशा वर्कर्स फैसिलिटेटर यूनियन सीटू पंजाब ने आज प्रदेश अध्यक्ष सरोज बाला की अध्यक्षता में पंजाब सरकार द्वारा किए गए वादों को पूरा न करने के खिलाफ चब्बेवाल में राज्य स्तरीय रैली और मार्च किया। प्रदेश महासचिव सीमा रानी ने मामले को समझाते हुए बताया कि 24 घंटे काम करने वाले कार्यकर्ताओं को मात्र 2500 रुपये मानदेय दिया जा रहा है| अगर ड्यूटी के दौरान किसी की मौत हो जाती है तो उसके परिवार को कोई मदद नहीं दी जाती|
 इसी तरह रिटायरमेंट के समय कोई ग्रेच्युटी नहीं दी जाती है, जबकि सरकारी कर्मचारियों को पेंशन, ग्रेच्युटी, छुट्टी, नौकरी से निकाली गई आशा कार्यकर्ताओं की तत्काल बहाली की जाये, आशा कार्यकर्ताओं पर सीएसआर या श्रम अधिनियम जैसे कोई कानून लागू नहीं होते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार को अपने वादे के मुताबिक मानदेय दोगुना करना चाहिए और कटे हुए भत्ते बहाल करने चाहिए; सेवानिवृत्ति के समय सरकारी कर्मचारियों के समान सुविधाएं दी जानी चाहिए|
 इस समय सीटू पंजाब के अध्यक्ष महा सिंह रोड़ी, वित्त सचिव सुच्चा सिंह अजनाला, उपाध्यक्ष महिंदर कुमार बडोअन और गुरदेव सिंह बागी ने केंद्र की मोदी सरकार को आशा वर्कर्स विरोधी, मजदूर विरोधी, किसान विरोधी कहकर संबोधित किया| उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने श्रम कानून को खत्म कर उसे 4 लेबर कोड में बदल दिया है| महंगाई, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी पर सरकार का ध्यान नहीं है| पंजाब सरकार अपने वादों से भाग चुकी है.
 आख़िरकार सरोज बाला ने उन्हें धन्यवाद देते हुए कहा कि 29 नवंबर को संसद के घेराव में ज़्यादा से ज़्यादा लोग शामिल हों| इस अवसर पर रघवीर कोर, भूपिंदर कोर, जोगिंदर कोर, रंजीत कोर, राजिंदर कोर, सरबजीत कोर, अमरजीत कोर, गुरप्रीत कोर, बेवी, करमजीत कोर, मंजीत कोर, रविंदर कोर, परमिंदर कोर आदि ने संबोधित किया।