4 मार्च नवांशहर- रेड क्रॉस एकीकृत नशा पीड़ितों के पुनर्वास केंद्र नवांशहर द्वारा 4 मार्च 2025 को सरकारी हाई स्मार्ट स्कूल शेखूपुर बाग (एसबीएस नगर) में "ड्रग फ्री इंडिया अभियान" के तहत नशा विरोधी जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर की अध्यक्षता श्री गुरप्रीत सांपला (मुख्य अध्यापक) ने की।
स. चमन सिंह (प्रोजेक्ट डायरेक्टर) ने स्कूल के विद्यार्थियों और स्टाफ सदस्यों को रेड क्रॉस की स्थापना के बारे में जानकारी दी और उन्हें रेड क्रॉस द्वारा किए जाने वाले समाज कल्याण कार्यों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि आज के समय में युवा स्कूल में पढ़ते समय छोटी उम्र में ही नशे की लत में पड़ रहे हैं। युवा बीड़ी, सिगरेट से शुरुआत करते हैं और हेरोइन जैसे बड़े नशे के आदी हो जाते हैं। 
जिसके कारण बाद में उनके लिए नशा छोड़ना बहुत मुश्किल हो जाता है, जिसके कारण प्रभावित युवा शारीरिक और मानसिक रूप से बीमार हो जाते हैं। उन्होंने स्कूली विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि आपको किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर नशे से दूर रहना है, क्योंकि युवा विद्यार्थियों को यह नहीं पता कि नशे के क्या नुकसान हो सकते हैं। 
इसलिए अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आपको नशे से दूर रहना होगा। उन्होंने कहा कि स्कूली पढ़ाई के साथ-साथ आपको साहित्य की पुस्तकें भी पढ़नी चाहिए, जिससे हम पंजाबी मातृभाषा से जुड़े रहेंगे और अपने गुरुओं, पीरों, शहीदों, योद्धाओं की जीवनियां पढ़नी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि आप नशा मुक्त भारत अभियान से जुड़ें और इस अभियान की शुरुआत अपने घर से ही करें, इसके साथ-साथ आप अपने परिवार के सदस्यों को भी नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करें। 
क्योंकि किसी भी बुराई को दूर करने के लिए हमें अपने घर से ही शुरुआत करनी होगी। उन्होंने स्कूली अध्यापकों से भी अपील की कि स्कूली शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों को नशे के बारे में जानकारी देना भी जरूरी है। जिससे विद्यार्थियों को नशे के बारे में जागरूक करके ही उन्हें नशे से दूर रखा जा सकता है। श्रीमती कमलजीत कौर (काउंसलर) ने रेड क्रॉस इंटीग्रेटेड रिहैबिलिटेशन सेंटर फॉर ड्रग विक्टिम्स, नवांशहर में मरीजों के इलाज के बारे में भी विस्तृत जानकारी साझा की, 
उन्होंने कहा कि कोई भी नशा करने वाला व्यक्ति अपनी इच्छा के अनुसार एक महीने तक अस्पताल में रहकर मुफ्त इलाज करवा सकता है। नशा कभी भी घर पर रहकर ठीक नहीं हो सकता। यह एक मानसिक और शारीरिक बीमारी है जिसका इलाज होना जरूरी है। इस अवसर पर श्री गुरप्रीत सांपला (मुख्य अध्यापक) ने भी नशे के दुष्प्रभावों के बारे में अपने विचार व्यक्त किए और रेड क्रॉस टीम का धन्यवाद किया। 
इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को अपने विचार दिए और अपील की कि रेड क्रॉस टीम द्वारा दिए गए सुझावों को अपने जीवन में लागू करें। इस अवसर पर श्री लाल सिंह ने अपने विचार साझा किए और मंच संचालन का कार्य बखूबी निभाया। स्कूल स्टाफ सदस्य गुरदीप सिंह, विजय कुमार, सोनिया, अमनदीप कौर, सतनाम राम, गुरप्रीत कौर, सचलीन सिंह और स्कूल के विद्यार्थी मौजूद थे।