संतोषगढ़/ऊना, 22 फरवरी:- क्षेत्र में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति के बीच Kirpa Foundation पुनर्वास केंद्र समाज के लिए आशा की मजबूत किरण बनकर उभरा है। केंद्र द्वारा अब तक हजारों युवाओं और अन्य नशे के आदी लोगों को चिट्टे से लेकर शराब जैसी घातक लतों से मुक्त कर नई जिंदगी दी जा चुकी है।
केंद्र के एम.डी. मनोज कौशल के नेतृत्व में यह संस्था बीते कई वर्षों से निरंतर नशा मुक्ति अभियान में सक्रिय भूमिका निभा रही है। उनका कहना है कि नशे की लत से बाहर निकलना कठिन अवश्य है, लेकिन सही उपचार, अनुशासन और सकारात्मक वातावरण मिलने पर हर व्यक्ति सामान्य जीवन की ओर लौट सकता है।
किरपा फाउंडेशन में मरीजों के उपचार के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं। यहां अत्याधुनिक जिम की व्यवस्था है, जहां प्रशिक्षित ट्रेनर की देखरेख में मरीजों को शारीरिक रूप से मजबूत बनाया जाता है। इसके साथ ही अनुभवी डॉक्टरों की टीम नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और काउंसलिंग के माध्यम से मरीजों को मानसिक रूप से भी सशक्त बनाती है। केंद्र में समय-समय पर आवश्यक मेडिकल जांचें भी करवाई जाती हैं।
इन जांचों के लिए संतोखगढ़ स्थित Silver Oaks Lab की आधुनिक मशीनों से सुसज्जित प्रयोगशाला में परीक्षण करवाए जाते हैं, ताकि उपचार की प्रक्रिया पूरी तरह वैज्ञानिक और सुरक्षित बनी रहे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस पुनर्वास केंद्र ने कई टूटते परिवारों को फिर से जोड़ने का कार्य किया है। उपचार लेकर लौटे युवा अब न केवल स्वस्थ जीवन जी रहे हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव के दूत बनकर अन्य लोगों को भी नशे से दूर रहने की प्रेरणा दे रहे हैं।
संतोखगढ़ क्षेत्र में किरपा फाउंडेशन पुनर्वास केंद्र आज नशा मुक्ति के क्षेत्र में एक विश्वसनीय नाम बन चुका है, जो न केवल उपचार प्रदान कर रहा है, बल्कि जीवन में नई उम्मीद और आत्मविश्वास भी जगा रहा है।
नशे की बढ़ती प्रवृत्ति के बीच संतोखगढ़ का किरपा फाउंडेशन बना उम्मीद की किरण
