हांसी (दिनकर गावड़ी):- आम आदमी पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में चल रहे आंदोलन के दौरान विपक्षी दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने की कड़ी निंदा करते हुए इसे सरकार की कायरतापूर्ण कार्रवाई बताया है। शुक्रवार सुबह अपने समर्थकों के साथ जंतर-मंतर जा रहे आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय परिषद के सदस्य और हांसी में पार्टी के जिला प्रधान राजेंद्र सोरखी को पुलिस ने रास्ते में ही हिरासत में ले लिया। पुलिस उन्हें सोरखी पुलिस चौकी ले गई, जहां उन्हें घंटों बैठाकर रखा गया।

प्रेस को जारी बयान में राजेंद्र सोरखी ने कहा कि सरकार की इस तरह की घटिया कार्रवाई से विपक्षी दलों और उनके नेताओं के हौसले नहीं तोड़े जा सकते। उन्होंने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और छात्र संगठनों के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में हरियाणा से भाग लेने जा रहे सैकड़ों नेताओं को पुलिस ने अलग-अलग स्थानों से हिरासत में लेकर दिल्ली जाने से रोका है। सरकार को यह नहीं भूलना चाहिए कि इस तरह जनता की आवाज दबाने से विरोध और अधिक बढ़ेगा। पुलिस के विरोध के बावजूद कई नेता और कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचने में सफल रहे हैं।

राजेंद्र सोरखी ने कहा कि प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई, स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) पर रोक, जनवरी 2025 की मतदाता सूची बहाल करना, स्वतंत्र जांच करवाना और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से संबंधित 2023 के कानून को रद्द करना शामिल है।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन से डरकर सरकार ने दिल्ली में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू कर दी है। हजारों पुलिसकर्मियों और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है। जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में बैरिकेडिंग की गई है। दिल्ली के कई इलाकों में इंटरनेट पर पाबंदी लगा दी गई है। दिल्ली मेट्रो के इतिहास में पहली बार शुक्रवार रात नौ बजे से एक साथ 57 मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए।