हांसी:– डीसी राहुल नरवाल के मार्गदर्शन में  जिला में अवैध नशे पर पूर्ण अंकुश लगाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे विशेष जागरूकता अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को सिसाय बोलाण व कालीरामण गांव में जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया। शिविरों में ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए नशे से दूर रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प दिलाया गया।
इन जागरूकता शिविरों का नेतृत्व मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी प्रतीक्षा द्वारा किया गया। शिविरों में स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की तथा विभिन्न बीमारियों से बचाव संबंधी जानकारी दी। स्वास्थ्य कर्मियों ने एचआईवी/एड्स जैसी गंभीर बीमारी के कारण, लक्षण एवं बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि जागरूकता ही इस बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है।
शिविरों में उपस्थित युवाओं एवं महिलाओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी प्रतीक्षा ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति ही नहीं बल्कि पूरे परिवार और समाज को बर्बाद कर देता है। उन्होंने कहा कि युवाओं को खेल, शिक्षा और सकारात्मक गतिविधियों की ओर प्रेरित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि यदि उनके आसपास कोई व्यक्ति नशे की गिरफ्त में है तो उसे सही मार्ग दिखाने में सहयोग करें तथा प्रशासन के नशामुक्ति अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
प्रतीक्षा ने अपने संबोधन में कहा, “नशा समाज के विकास में सबसे बड़ी बाधा है। हमें मिलकर ऐसा वातावरण तैयार करना होगा जहां युवा नशे से दूर रहकर अपने भविष्य को उज्ज्वल बना सकें। जिला प्रशासन द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान तभी सफल होगा जब प्रत्येक नागरिक इसमें अपनी जिम्मेदारी निभाएगा। हमें स्वयं जागरूक होने के साथ-साथ दूसरों को भी जागरूक करना होगा।”
शिविरों में ग्रामीणों को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक नुकसान के बारे में विस्तारपूर्वक बताया गया। साथ ही प्रशासन द्वारा संचालित नशामुक्ति सेवाओं एवं हेल्पलाइन संबंधी जानकारी भी साझा की गई। ग्रामीणों ने भी नशामुक्त समाज के निर्माण में सहयोग देने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी, आशा वर्कर, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।