मोहाली, 19 सितम्बर: मोहाली के सुख शांति भवन फेज 7 में कल ब्रह्माकुमारीज के पूर्व महासचिव राजयोगी निर्वेर भाई जी को सैंकड़ों लोगों ने उनकी प्रथम पुण्य तिथि पर अपने हृदय से भावभीनी श्रद्वांजली दी तथा उनके द्वारा की गई समाज सेवा को स्मरण किया गया।
इस अवसर पर मोहाली-रोपड़ क्षेत्र के राजयोग केंद्रों की संचालिका ब्रह्माकुमारी प्रेमलता बहन जी ने अपनी भावांजली प्रस्तुत करते हुए कहा कि आदरणीय राजयोगी निर्वेर भाई जी का जन्म गुरदासपुर जिले के एक अकाली परिवार में हुआ था। आपने नेवी में इलैक्ट्रोनिक इंजीनीयर की सेवा भी की तथा जीवन भर आप बालब्रह्मचारी रहे। आपने 86 वर्ष की आयु में 19 सितम्बर 2024 को देह त्यागी थी।
निर्वेर भाई जी जिंदगी भर मानवीय व नैतिक मूल्यों को स्वयं अपनाकर सभी को इन्हें अपनाने की प्ररेणाएं देते रहे। राजयोगी निर्वेर भाई जी इस ईश्वरीय विश्व विद्यालय के महासचिव तो थे ही परंतु वह इसके आधार स्तम्भ भी थे जिन्होने लाखों करोडों आत्माओं को आध्यात्मिकता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा व शक्ति भी प्रदान की थी।
ब्रह्मा बाबा के 1969 में अव्यक्त होने के बाद दादियों के साथ मिलकर स्नेह, समर्पण, रहमदिली, विशाल बुद्वि, अपनेपन की भावना से यज्ञ को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप देने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होने मधुबन व अन्य स्थानों पर बड़े बड़े भवनों का निर्माण करवाया तथा ईश्वरीय मर्यादाओं का दृढ़ता से पालन किया। सबको मन की उलझनों से निकालने की उनमे बहुत बड़ी विशषेता थी।
मोहाली-रोपड़ क्षेत्र के राजयोग केंद्रों की सह-संचालिका ब्रह्माकुमारी रमा बहन जी ने श्रद्वांजली देते उनके साथ के कई अनुभव सुनाये तथा कहा कि उनमें सभी के दुःख दर्द को समझ उचित हल प्रदान करने, उदारता, सदा हर्षित रहने, सहयोग देने, समाने व दादियों का दिल से सम्मान करने की विशेषता थी। मुख्यालय माउंट आबू व अन्य स्थानों पर राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय महा सम्मेलनो के आयोजन में भी निर्वैर भाईं जी की अहम भूमिका रही थी।
उनसे मिलकर हर व्यक्ति उमंग उत्साह से भर जाता था तथा जीवन में आ रही चुनौतियों का सामना करने मे सक्षम महसूस करता था। मांउट आबू से रेडियो मधुबन के बी.के. रमेश जी ने भी निर्वैर भाई जी के साथ हुई मुलाकातों के संस्मरण प्रस्तुत करते अपने श्रद्वासुमन अर्पित किये।
ब्रह्माकुमारीज के पूर्व महासचिव राजयोगी निर्वेर भाई को दी गई भावभीनी श्रद्वांजली
