नीलोखेड़ी/करनाल, 29 नवंबर: चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के अतंर्गत विस्तार शिक्षा संस्थान नीलोखेड़ी में पेशेवर उत्कृष्टता हेतु समय और तनाव प्रबंधन विषय पर चल रहे चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन हुआ। समापन समारोह की अध्यक्षता संस्थान के क्षेत्रीय निदेशक डा. संजय कुमार ने की जबकि पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना के प्रोफेसर सतीश शर्मा ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। प्रोफेसर सतीश कुमार ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि समय एवं तनाव प्रबंधन आज के गतिशील और प्रतिस्पर्धी पेशेवर जीवन में अत्यंत आवश्यक है। प्रभावी समय प्रबंधन हमें अपने लक्ष्यों को स्पष्ट रूप से प्राथमिकता देने, कार्यों को कुशलतापूर्वक व्यवस्थित करने और अपनी ऊर्जा को सबसे महत्वपूर्ण गतिविधियों पर केंद्रित करने में सक्षम बनाता है, जिससे हमारी उत्पादकता में वृद्धि होती है और अनावश्यक कार्यभार कम होता है। वहां तनाव प्रबंधन हमें कार्यस्थल और व्यक्तिगत जीवन की चुनौतियों के सामने मानसिक संतुलन बनाए रखने की कला सिखाता है। जब हम समय को नियंत्रित करना सीख लेते हैं तो तनाव स्वतरू कम हो जाता है क्योंकि समय सीमा में कार्यों को करने और कार्यों को पीछे छूटने की चिंता दूर हो जाती है। इन दोनों कौशलों का तालमेल ही पेशेवर उत्कृष्टता की ओर ले जाता है जहां हम न केवल अधिक कार्य कर पाते हैं बल्कि उस कार्य को शांत और केंद्रित मन से बेहतर गुणवत्ता के साथ पूरा करते हैं।
क्षेत्रीय निदेशक डॉ. संजय कुमार ने कहा कि समय और तनाव प्रबंधन का प्रशिक्षण केवल सैद्धांतिक ज्ञान नहीं है, बल्कि यह हमारे विस्तार कार्य की सफलता के लिए एक अनिवार्य निवेश है। संस्थान की यह प्राथमिकता रही है कि हमारे अधिकारी जमीनी स्तर पर कार्य करते समय दक्षता और मानसिक दृढ़ता दोनों बनाए रखें। काम का अत्यधिक दबाव, और अनिश्चितता अक्सर तनाव पैदा करती है। यह प्रशिक्षण आपको उन व्यावहारिक उपकरणों से लैस करता है जो आपको अपने कार्यभार को प्राथमिकता देने, सीमाएं निर्धारित करने और स्वस्थ कार्य-जीवन संतुलन बनाए रखने में मदद करेंगे। एक प्रशिक्षित और तनाव-मुक्त विस्तार अधिकारी ही किसानों के लिए प्रभावी मार्गदर्शक बन सकता है।
क्षेत्रीय निदेशक डॉ. कुमार ने बताया कि यह संस्थान कुलपति प्रोफेसर बी. आर. कंबोज, चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के नेतृत्व में उत्तर भारत के राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य पालन, वानिकी, महिला एवं बाल विकास इत्यादि विभागों के विस्तार अधिकारियों को प्रशिक्षण देने का काम कर रहा है। वित्तीय सहयोग देने के लिए विस्तार निदेशालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार की सराहना की। उन्होंने विश्वविद्यालय के विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. बलवान सिंह मंडल का भी धन्यवाद किया। इस दौरान प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण के बारे में अपना फीडबैक देते हुए संस्थान की सुविधाओं की प्रशंसा की।
कार्यक्रम का संयोजन डॉ. जसविंदर कौर ने किया। उन्होंने बताया कि इस चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में हरियाणा, उत्तराखंड, झारखंड, उत्तर प्रदेश और पंजाब के विस्तार अधिकारियों ने हिस्सा लिया है। डॉ. कौर ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को विषय से संबंधित व्याख्यान दिए गए हैं एवं राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान, करनाल का भ्रमण भी करवाया गया है। समापन कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस दौरान डॉ. सत्यकाम मलिक, डॉ. एस. आर. वर्मा, डॉ. अनिल कुमार रोहिला एवं डॉ. अजय कुमार सहित संस्थान के सभी कर्मचारी एवं प्रतिभागी मौजूद रहे।