रतिया, 12 नवंबर:- उपमंडलाधीश सुरेन्द्र सिंह ने प्रशासनिक अधिकारियों की टीम के साथ धान की पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए उपमंडल के विभिन्न गांवों में फ्लैग मार्च निकाला गया। फ्लैग मार्च रतिया से शुरू होकर सहनाल, रायपुर, ढाणी रायपुर, सुखमनपुर, हंसगा, पालसर, अहरवां और हमजापुर गांवों से होकर गुजरा।
इस दौरान जिस खेत में पराली जलते हुए मिली उसे बुझाया गया व किसानों को जागरूक किया गया और सन्देश दिया गया कि पराली जलाने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। इस दौरान एसडीएम सुरेन्द्र सिंह ने किसानों को पराली में आग न लगाने, सुपर सीडर एवं अन्य मशीनों के माध्यम से पराली प्रबंधन अपनाने के लिए जागरूक किया गया।
उन्होंने कहा कि पराली न जलाने वाले किसानों को प्रति एकड़ 1200 रुपए का अनुदान दिया जा रहा है। जिन गांवों में पराली जलाने का कोई मामला दर्ज नहीं होगा, वहां की पंचायत को सम्मानित किया जायेगा। एसडीएम ने कहा कि पराली जलाने से प्रकृति, जमीन तथा मानव जीवन पर अत्यंत गंभीर व प्रतिकूल प्रभाव पड़ते है।
जिससे जमीन की उर्वरा शक्ति नष्ट होने के साथ-साथ प्राकृतिक प्रदूषण की वजह से मनुष्य भी अनेक जानलेवा बीमारियों का शिकार होता है। हमें प्रदूषण नियंत्रण उपायों को पूरी गंभीरता से अपनाना होगा। उन्होंने बताया कि वायु प्रदूषण हम सबके लिए चिंता का विषय है, जिसका हमारे स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ता है।
इस मौके पर खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी हनीश कुमार, विकास कुमार लंग्यान, एएससीओ सुरेश कुमार, बीएओ संदीप बिडलान, अग्निश्मन इंचार्ज कृष्ण कुमार, सब इंस्पेक्टर कवर सिंह, विजय कुमार, सुरजीत कुमार आदि मौजूद रहे।
पराली जलाने की घटनाओं पर रोक के लिए उपमंडल के विभिन्न गांवों में निकाला फ्लैग मार्च
