हिसार, 05 मार्च:- जिला नागरिक में कार्यरत जिला सुकून काउंसलर राहुल शर्मा ने बताया कि महिलाओं का जीवन संघर्षों से भरा होता है। कोख से लेकर वृद्धावस्था तक उन्हें कई प्रकार के भेदभाव और हिंसा का सामना करना पड़ता है। गर्भावस्था के दौरान मारपीट, बचपन में देखभाल में भेदभाव, बाल विवाह, किशोरावस्था में छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न जैसी समस्याएं समाज में अब भी मौजूद हैं। वहीं वयस्क होने पर कई महिलाओं को घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना और अन्य अपराधों का भी सामना करना पड़ता है।
 उन्होंने बताया कि इन सभी चुनौतियों के बावजूद महिलाएं अपने परिवार के लिए लगातार संघर्ष करती हैं और अपने कर्तव्यों को निभाते हुए परिवार को संभालती हैं। ऐसे में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना समाज के हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से हरियाणा सरकार के स्वास्थ्य विभाग और हरियाणा स्टेट हेल्थ रिसोर्स सेंटर द्वारा जिला स्तर पर सिविल अस्पतालों में सुकून केंद्र स्थापित किए गए हैं, ताकि हिंसा से पीड़ित महिलाओं को समय पर सहायता और सुरक्षा मिल सके। 
जिला हिसार के सिविल अस्पताल के कमरा नंबर-24 में स्थापित सुकून केंद्र महिलाओं के साथ होने वाली छेड़छाड़, मारपीट, जबरदस्ती, यौन उत्पीड़न, शोषण और घरेलू विवादों से जुड़े मामलों में पीड़ित महिलाओं को सहायता प्रदान कर रहा है। 
मार्च 2022 से फरवरी 2026 तक सुकून केंद्र हिसार द्वारा 900 हिंसा पीड़ित महिलाओं और बच्चों को सहायता प्रदान की जा चुकी है। इन मामलों में पीड़ितों को मुफ्त पुलिस सहायता, काउंसलिंग, कानूनी सहायता, चिकित्सा उपचार और अन्य आवश्यक सहयोग उपलब्ध करवाया गया।

केस-1 : विधवा महिला को दिलवाई सहायता-
जिला हिसार की एक महिला के पति का आकस्मिक निधन हो गया। इसके बाद ससुराल पक्ष ने महिला को घर से निकाल दिया और उसे पति की संपत्ति में हिस्सा देने से मना कर दिया। इस मानसिक और सामाजिक उत्पीड़न से परेशान महिला सहायता के लिए सुकून केंद्र पहुँची। यहाँ उसे महिलाओं के अधिकारों के बारे में जागरूक किया गया, घरेलू हिंसा अधिनियम की जानकारी दी गई तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से मिलने वाली निःशुल्क कानूनी सहायता के बारे में बताया गया। काउंसलिंग के माध्यम से महिला का आत्मविश्वास बढ़ाया गया और उसे न्याय पाने के लिए मार्गदर्शन प्रदान किया गया।

केस-2 : काउंसलिंग से महिला को मिला सहारा-
जिला हिसार की एक महिला की शादी फतेहाबाद जिले में हुई थी। पति द्वारा शराब के नशे में लगातार मारपीट और दुर्व्यवहार करने के कारण महिला मानसिक रूप से परेशान रहने लगी। इसी दौरान वह इंस्टाग्राम के एक मित्र से मिलने हिसार आई, जिसकी जानकारी ससुराल पक्ष को हो गई और उन्होंने महिला को जान से मारने की धमकी दी। 
डर के कारण महिला ने उस व्यक्ति के साथ लिव-इन का दस्तावेज बनवा लिया, लेकिन कुछ समय बाद वह व्यक्ति भी उसे छोड़कर चला गया। इस स्थिति में महिला को न तो ससुराल में जगह मिली और न ही मायके में सहारा। अत्यधिक मानसिक तनाव के कारण महिला को बार-बार आत्महत्या जैसे विचार आने लगे।
ऐसे कठिन समय में महिला सहायता के लिए सुकून केंद्र पहुँची, जहाँ उसकी काउंसलिंग की गई तथा रहने और भोजन की व्यवस्था करवाई गई। इसके बाद महिला थाना में शिकायत दर्ज करवाई गई और महिला थाना के सहयोग से मामले का समाधान करवाकर महिला को सुरक्षित उसके ससुराल पहुंचाया गया।
 जिला सुकून काउंसलर राहुल शर्मा ने कहा कि घरेलू हिंसा रोकथाम के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए, क्योंकि घरेलू हिंसा का प्रभाव केवल पति-पत्नी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका बच्चों के मानसिक एवं सामाजिक विकास पर भी गहरा नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।