हिसार (दिनकर गावड़ी):- महाराजा अग्रसेन की 5180वीं जयंती के अवसर पर 11 अक्तूबर को अग्रोहा शक्तिपीठ में भव्य एवं धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। जयंती समारोह को लेकर अग्रोहा शक्तिपीठ परिसर को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है। समारोह में हवन-यज्ञ, भजन-कीर्तन एवं भंडारे का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में दिल्ली की प्रसिद्ध भजन गायिका प्रिन्सी गोयल, ताली कीर्तन समिति भट्टू तथा रितु बिश्नोई द्वारा भजन एवं कीर्तन प्रस्तुत किए जाएंगे। कार्यक्रम में प्रदेशभर से समाज के लोगों के साथ-साथ अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन के राष्ट्रीय, प्रदेश एवं जिला स्तर के पदाधिकारियों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है।

जयंती समारोह की तैयारियों को लेकर शुक्रवार को अग्रोहा शक्तिपीठ परिसर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में कार्यक्रम की तैयारियों, व्यवस्थाओं, सजावट, धार्मिक कार्यक्रमों तथा श्रद्धालुओं के लिए की जाने वाली व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष विपिन गोयल ने बताया कि महाराजा अग्रसेन की जयंती पूरे समाज के लिए गौरव, श्रद्धा और प्रेरणा का पर्व है। अग्रोहा महाराजा अग्रसेन की कर्मभूमि होने के साथ-साथ अग्रवाल समाज की ऐतिहासिक एवं पवित्र धरोहर है। ऐसे में अग्रोहा शक्तिपीठ पर आयोजित होने वाला यह समारोह पूरे समाज के लिए विशेष महत्व रखता है।

उन्होंने कहा कि महाराजा अग्रसेन केवल एक महान राजा ही नहीं, बल्कि समाजवाद, समानता, अहिंसा, परोपकार और लोककल्याण के प्रणेता थे। उन्होंने अपने राज्य में ऐसी व्यवस्था स्थापित की, जिसमें हर व्यक्ति को सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार मिले। महाराजा अग्रसेन ने प्रजा को परिवार की तरह माना और समाज में आर्थिक एवं सामाजिक समानता स्थापित करने का संदेश दिया।

विपिन गोयल ने कहा कि महाराजा अग्रसेन जी की सबसे बड़ी विशेषता उनकी लोककल्याणकारी शासन व्यवस्था थी। उनके द्वारा दिया गया “एक ईंट और एक रुपया” का सिद्धांत आज भी सामाजिक सहयोग और आपसी भाईचारे की मिसाल है। इस परंपरा के माध्यम से नए व्यक्ति को समाज में स्थापित होने के लिए सामूहिक सहयोग दिया जाता था। महाराजा अग्रसेन ने यज्ञ में पशुबलि का विरोध कर अहिंसा को अपनाया और समाज को दया, करुणा तथा सेवा का मार्ग दिखाया।

उन्होंने कहा कि महाराजा अग्रसेन जी का जीवन आज भी समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके 18 गोत्रों और 18 सिद्धांतों की परंपरा ने समाज को संगठन, सहयोग और एकता का संदेश दिया। आज आवश्यकता है कि हम महाराजा अग्रसेन के आदर्शों को केवल जयंती समारोह तक सीमित न रखें, बल्कि अपने व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन में भी अपनाएं।

विपिन गोयल ने कहा कि अग्रोहा शक्तिपीठ केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि देश-दुनिया के अग्रवाल समाज की आस्था, इतिहास और एकता का प्रमुख केंद्र है। यहां महाराजा अग्रसेन की जयंती मनाना हम सभी के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने समाज के सभी लोगों से आह्वान किया कि वे परिवार सहित 11 अक्तूबर को अग्रोहा शक्तिपीठ पहुंचें और महाराजा अग्रसेन जी के चरणों में श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए समाज की एकता, सेवा और सहयोग का संकल्प लें।

उन्होंने बताया कि समारोह में समाज के सभी वर्गों के लोगों को सादर आमंत्रित किया गया है। उन्होंने सभी अग्रवाल बंधुओं, मातृशक्ति एवं युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया।

बैठक में प्रदेश चेयरमैन विश्वनाथ गोयल, फतेहाबाद जिला अध्यक्ष राजेश गर्ग, हिसार जिला अध्यक्ष दीनदयाल गोरखपुरिया, प्रदेश महामंत्री बृजभूषण जैन, सोमदत्त गोयल, अजय मित्तल, आशीष गर्ग, मुकेश बंसल, प्रबंधक सज्जन शर्मा, मदन मित्तल एवं विकास मित्तल सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।