चंडीगढ़:- गंभीर गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ब्लीडिंग से जूझ रहे एक किशोर को मैक्स अस्पताल, मोहाली में सफल उपचार के बाद नया जीवन मिला। 17 वर्षीय अमन की स्थिति एनीमिया, असामान्य रक्त का थक्का बनने और लिवर की कार्यप्रणाली से जुड़े असामान्य पैरामीटर के कारण और जटिल हो गई थी। इसके लिए गहन निगरानी और कई बार रक्त चढ़ाने की आवश्यकता पड़ी।

उसे 10–12 दिनों से बुखार था, साथ ही भूख कम लग रही थी और भोजन का सेवन भी घट गया था। बाद में उसकी आंखों में पीलापन और पेशाब का रंग गहरा हो गया। इसके बाद उसके मल में बार-बार ताजा खून आने लगा।

गहन चिकित्सा प्रबंधन और कई बार रक्त चढ़ाने के बावजूद उसका हीमोग्लोबिन लगातार गिरता रहा और खतरनाक रूप से निम्न स्तर पर पहुंच गया। कोलोनोस्कोपी में छोटी आंत के निचले हिस्से और आसपास की आंत में कई अल्सर पाए गए, लेकिन रक्तस्राव के वास्तविक स्रोत की पहचान नहीं हो सकी।

एसोसिएट डायरेक्टर–जीआई, एमएएस एवं बैरियाट्रिक सर्जरी, डॉ. अमनदीप सिंह संधू के नेतृत्व में मैक्स अस्पताल की मल्टीडिसीप्लिनरी मेडिकल टीम ने रक्तस्राव के स्रोत का पता लगाने और उसे नियंत्रित करने के लिए एक विशेष सर्जरी, एक्सप्लोरेटरी लैपरोटोमी के साथ ऑन-टेबल एंट्रोस्कॉपी की।

रक्तस्राव रोकने और मरीज की स्थिति को स्थिर करने के लिए मैक्स के सर्जनों ने लगभग 200 सेंटीमीटर रोगग्रस्त आंत के साथ बड़ी आंत के एक हिस्से को भी निकाल दिया। इसके बाद शरीर से अपशिष्ट बाहर निकालने के लिए एक अस्थायी मार्ग बनाया गया, ताकि आंत को ठीक होने का समय मिल सके।

लगातार मल्टीडिसीप्लिनरी देखभाल के साथ किशोर की हालत में धीरे-धीरे सुधार हुआ और 6 दिनों बाद उसे स्थिर स्थिति में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।