हांसी:– माननीय सर्वोच्च न्यायालय के राष्ट्रव्यापी विशाल वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत उप-मंडल विधिक सेवा समिति (एसडीएलएससी), हांसी द्वारा मंगलवार को पर्यावरण संरक्षण एवं जनजागरूकता को समर्पित विशेष पौधारोपण एवं पौधा वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व एसडीजेएम-सह-अध्यक्ष एवं उप-मंडल विधिक सेवा समिति, हांसी के अध्यक्ष आशुतोष ने किया। अभियान के तहत उप-मंडल क्षेत्र के विभिन्न राजकीय विद्यालयों, महाविद्यालयों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 1,500 पौधों का वितरण एवं रोपण किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों, शिक्षकों, ग्रामीणों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, अधिवक्ताओं तथा अधिकार मित्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। इस अवसर पर फलदार एवं छायादार पौधों का वितरण किया गया और सभी से पौधों की नियमित देखभाल करने का आह्वान किया गया।
एसडीजेएम-सह-अध्यक्ष आशुतोष ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक की नैतिक, सामाजिक एवं संवैधानिक जिम्मेदारी है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का संकल्प ले, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित एवं संतुलित पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पौधे केवल हरियाली ही नहीं बढ़ाते, बल्कि जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने, प्रदूषण कम करने, भूजल संरक्षण तथा जैव विविधता को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा प्रारंभ किया गया यह राष्ट्रव्यापी अभियान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल है। इस अभियान का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को प्रकृति के प्रति जिम्मेदार बनाना तथा अधिक से अधिक लोगों को वृक्षारोपण से जोड़ना है।
कार्यक्रम के दौरान उप-मंडल विधिक सेवा समिति से जुड़े पैनल अधिवक्ताओं एवं अधिकार मित्रों ने विभिन्न राजकीय विद्यालयों और महाविद्यालयों का दौरा कर विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को पर्यावरण संरक्षण का महत्व बताया। उन्होंने पौधों के संरक्षण, जल बचाने तथा स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के संबंध में जागरूक किया और विद्यार्थियों से अपने-अपने घरों एवं विद्यालय परिसरों में पौधे लगाने का आह्वान किया।
इसके अतिरिक्त ग्रामीण क्षेत्रों में भी विशेष अभियान चलाकर ग्रामीणों, महिलाओं एवं युवाओं को पौधे वितरित किए गए। अधिकार मित्रों ने ग्रामीणों को गांवों को हरा-भरा बनाने, सार्वजनिक स्थलों पर पौधारोपण करने तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर पैनल अधिवक्ताओं एवं अधिकार मित्रों ने आमजन को पर्यावरण संरक्षण से संबंधित कानूनी अधिकारों एवं कर्तव्यों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्वस्थ एवं स्वच्छ पर्यावरण प्रत्येक नागरिक का मूल अधिकार है और इसके संरक्षण में समाज की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।
उप-मंडल विधिक सेवा समिति, हांसी ने अभियान के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि वृक्षारोपण तभी सार्थक होगा, जब लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल कर उन्हें वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखा जाए। समिति ने विश्वास व्यक्त किया कि जनसहभागिता से हांसी क्षेत्र को अधिक हरित, स्वच्छ एवं पर्यावरण के अनुकूल बनाया जा सकेगा।
सुप्रीम कोर्ट के राष्ट्रव्यापी वृक्षारोपण अभियान के तहत हांसी में 1500 पौधों का वितरण व रोपण पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
