
अहमदिया मस्जिद में मुस्ले मौद दिवस धूमधाम से मनाया गया
होशियारपुर 21 फरवरी– पुरानी कनक मंडी स्थित अहमदिया मस्जिद में आज मुस्ले मौद दिवस धूमधाम से मनाया गया। अजहर खादिम की सरपरस्ती में कादियां, जिला गुरदासपुर से एक प्रतिनिधिमंडल कार्यक्रम में शामिल हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अहमदिया मुस्लिम समुदाय के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
होशियारपुर 21 फरवरी– पुरानी कनक मंडी स्थित अहमदिया मस्जिद में आज मुस्ले मौद दिवस धूमधाम से मनाया गया। अजहर खादिम की सरपरस्ती में कादियां, जिला गुरदासपुर से एक प्रतिनिधिमंडल कार्यक्रम में शामिल हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अहमदिया मुस्लिम समुदाय के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत पवित्र कुरान की तिलावत से हुई, जिसे इस्माइल ने पेश किया। इसके बाद अजहर खादिम ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया और अहमदिया इतिहास में इस स्थान के विशेष महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “होशियारपुर अपनी प्राचीनता और आपसी भाईचारे के लिए प्रसिद्ध है। यहीं पर अहमदिया समुदाय के संस्थापक हजरत मिर्जा गुलाम अहमद साहिब ने 1886 ई. में 40 दिनों तक कठोर इबादत (चिल्ला) की थी।”
उन्होंने आगे बताया कि इस इबादत के बाद उन्हें अल्लाह की तरफ से एक बेटे के जन्म की खुशखबरी (भविष्यवाणी) मिली, जिसे अहमदिया साहित्य में "पैगंबर के आने की भविष्यवाणी" के नाम से जाना जाता है। हजरत मिर्जा गुलाम अहमद साहब ने 20 फरवरी 1886 को हरे कागज पर यह भविष्यवाणी प्रकाशित की, जिसमें होने वाले बेटे की 52 विशेषताएं बताई गई थीं। इस भविष्यवाणी के अनुसार हजरत मिर्जा बशीरुद्दीन महमूद अहमद साहब का जन्म 12 जनवरी 1889 को हुआ था।
हालांकि उनकी प्रारंभिक शिक्षा सीमित थी, फिर भी उन्होंने 200 से अधिक पुस्तकों की रचना की और कठिन परिस्थितियों में 52 वर्षों तक समुदाय का नेतृत्व किया। उनके अथक प्रयासों के कारण आज अहमदिया समुदाय 200 से अधिक देशों में स्थापित है।
इस अवसर पर अख्तर हुसैन गादी, नासिर तारिक, सद्दाम हुसैन सहित कई महत्वपूर्ण हस्तियां अन्य गणमान्य लोगों के अलावा मौजूद थीं।
