पटियाला: भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज के राष्ट्रीय सलाहकार वीर प्रेम खोड़ा ने नगर निगम में बढ़ रहे भ्रष्टाचार को रोकने के लिए मोर्चा खोल दिया है। प्रेस को जारी नोट में वीर प्रेम खोड़ा ने कहा कि उन्हें आरटीआई के माध्यम से पता चला है कि पिछले 10 सालों से नगर निगम में कुछ सेनेटरी इंस्पेक्टर सरकारी नियमों के विरुद्ध एक ही स्टेशन पर ड्यूटी कर रहे हैं, जिनका आज तक कभी दूसरे शहरों में तबादला नहीं हुआ।
उन्होंने इन नगर निगम इंस्पेक्टरों के तबादलों को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और डायरेक्टर स्थानीय सरकार से लिखित में मांग की है। जिसमें प्रेम खोड़ा ने कहा कि उक्त सेनेटरी इंस्पेक्टर 10 सालों से एक ही शहर में एक ही सीट पर सेवाएं दे रहे हैं।
पटियाला में चार अलग-अलग मेयर रहते हुए कई कमिश्नर बदल चुके हैं और अलग-अलग पार्टियों की सरकारें भी सत्ता में आई हैं। लेकिन इसके बावजूद उक्त सेनेटरी इंस्पेक्टर 10 साल से एक ही शहर में अपनी सीटों पर काबिज है। जबकि नियमानुसार कोई भी कर्मचारी एक सीट/एक स्टेशन पर 3 साल से ज्यादा काम नहीं कर सकता।
जिससे शहर साफ-सुथरा है, उक्त कर्मचारी पिछले काफी समय से भ्रष्ट तरीके से अपनी सीटों पर काबिज हैं और मोटी कमाई कर रहे हैं। जो आज बड़ी-बड़ी संपत्तियों के मालिक बन चुके हैं, अगर इन सेनेटरी इंस्पेक्टरों की निष्पक्ष जांच करवाई जाए तो बड़ा पर्दाफाश हो सकता है। शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर अहम जिम्मेदारी सेहत अधिकारी और सेनेटरी इंस्पेक्टर की है।
25 साल पहले नगर निगम में करीब 1500 सफाई कर्मचारी थे, जबकि आज 25 साल बाद इनकी संख्या घटकर करीब 900 रह गई है, जिनमें 450 स्थायी और 450 आउटसोर्स कर्मचारी हैं। शहर का क्षेत्रफल बीस गुना बढ़ गया है। नगर निगम ने न तो नए कर्मचारी भर्ती किए हैं और न ही कच्चे सफाई कर्मचारियों को स्थायी किया है।
वीर प्रेम खोड़ा ने नगर निगम में बढ़ रहे भ्रष्टाचार को रोकने के लिए मुख्यमंत्री के माध्यम से विजिलेंस जांच की पुरजोर मांग की।
