अमृतसर, 5 जुलाई - तख्त श्री पटना साहिब के पंज प्यारे साहिब द्वारा शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल को वेतनभोगी घोषित करने के फैसले पर चिंता व्यक्त करते हुए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने इसे पंथ में असमंजस की स्थिति पैदा करने वाला और पंथ के अधिकारों से परे जाने वाला कदम बताया है।
उन्होंने कहा कि खालसा पंथ की परंपराएं और रीति-रिवाज कौम के मसलों को सुलझाने के लिए हैं, न कि राष्ट्रीय संकट पैदा करने के लिए। उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता को नजरअंदाज करना उचित नहीं है और ऐसी प्रवृत्तियों से कौम में अराजकता का माहौल पैदा होगा।
उन्होंने कहा कि हालांकि तख्त श्री पटना साहिब का सिख जगत में बहुत सम्मान है, लेकिन पंथिक मामलों पर विचार करने का अधिकार केवल श्री अकाल तख्त साहिब को है। एडवोकेट धामी ने कहा कि किसी भी पंथिक मामले पर श्री अकाल तख्त साहिब के नेतृत्व में पांच सिंह साहिबों द्वारा एक साथ बैठकर निर्णय लेने की लंबी ऐतिहासिक परंपरा रही है।
तख्त पटना साहिब द्वारा सुखबीर बादल को वेतनभोगी घोषित करने का फैसला पंथ के लिए असमंजस की बात: एडवोकेट धामी
