हरोली/ऊना, 13 मार्च (राजवीर चोपड़ा):- हरोली विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत टाहलीवाल में स्थापित दूसरे पुलिस थाने के लिए गृह विभाग द्वारा 46 पद स्वीकृत किए गए हैं, लेकिन अभी तक इन पदों पर पूरी तैनाती न होने के कारण क्षेत्र में कानून व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में दिक्कतें आ रही हैं।
जानकारी के अनुसार टाहलीवाल थाना के लिए एक इंस्पेक्टर, दो सब इंस्पेक्टर, पांच एएसआई, छह हेड कांस्टेबल, 30 कांस्टेबल और दो सीसीटीएनएस ऑपरेटर सहित कुल 46 पद स्वीकृत हैं। इसके बावजूद टाहलीवाल थाना में करीब 18 कर्मियों की कमी बताई जा रही है। वहीं पेट्रोलिंग के लिए होमगार्ड की भी तैनाती नहीं है।
उधर हरोली थाना में भी पहले से 46 पद स्वीकृत हैं, लेकिन यहां भी लगभग 16 पुलिस कर्मियों की कमी बनी हुई है। हरोली थाना में भी रात के समय पेट्रोलिंग के लिए होमगार्ड उपलब्ध नहीं हैं।
इसी तरह पंडोगा चौकी, जो कि औद्योगिक क्षेत्र में स्थित है, वहां भी पुलिस कर्मियों की कमी महसूस की जा रही है और रात के समय पेट्रोलिंग के लिए होमगार्ड की व्यवस्था नहीं है। दोनों थानों में स्टाफ की कमी के कारण पुलिस व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
टाहलीवाल-पंडोगा क्षेत्र पंजाब सीमा से सटा हुआ सीमावर्ती इलाका है। ऐसे में यहां कानून व्यवस्था बनाए रखना और असामाजिक तत्वों तथा नशा तस्करों पर नजर रखना पुलिस के लिए अहम जिम्मेदारी है। स्टाफ की कमी के कारण औद्योगिक क्षेत्र में होने वाली घटनाओं और रोजमर्रा के पुलिस कार्यों पर भी असर पड़ रहा है।
हरोली थाना के अंतर्गत दो बड़े औद्योगिक क्षेत्र आते हैं, जिनमें पंडोगा औद्योगिक क्षेत्र तथा टाहलीवाल, बाथू और बाथड़ी का बड़ा औद्योगिक क्षेत्र शामिल है। आने वाले समय में इसी क्षेत्र में बल्क ड्रग पार्क भी स्थापित होने जा रहा है, जिससे गतिविधियां और बढ़ेंगी।
ऐसे में सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण नशा तस्करों और असामाजिक तत्वों पर नकेल कसने तथा अपराधों पर अंकुश लगाने में पुलिस की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। टाहलीवाल थाना स्थापित होने से औद्योगिक क्षेत्र में बढ़ते अपराधों पर नियंत्रण में मदद मिलने की उम्मीद है।
सरकार द्वारा टाहलीवाल थाना स्थापित करने के लिए करीब दो करोड़ रुपये की राशि भी जारी की गई है, लेकिन क्षेत्र के लोगों का कहना है कि थाने और चौकियां तो बना दी गई हैं, परंतु उनमें पूरा स्टाफ तैनात करने में अभी भी देरी हो रही है।