मोहाली:- जनकपुर का भव्य दरबार, राजकुमारी सीता के स्वयंवर की प्रतीक्षा और देश-विदेश से आए राजाओं के बीच शिवधनुष उठाने की चुनौती… रामलीला एवं दशहरा ग्राउंड, फेस-1, मोहाली में श्री रामलीला एवं दशहरा कमेटी की ओर से आयोजित रामलीला की चौथी रात्रि में सीता स्वयंवर का ऐसा ही मनोहारी दृश्य मंच पर जीवंत हुआ। जैसे-जैसे स्वयंवर का प्रसंग आगे बढ़ा, दर्शकों की उत्सुकता भी बढ़ती गई और भगवान श्रीराम द्वारा शिवधनुष तोड़ने के प्रसंग ने कथा को रोमांचक मोड़ पर पहुंचा दिया।

मंचन में राजा जनक की भूमिका अमित वर्मा, रानी सुनैना की भूमिका शानू और माता सीता की भूमिका शिवानी ने निभाई। भगवान श्रीराम के रूप में प्रतीक, लक्ष्मण के रूप में संदीप राणा और महर्षि विश्वामित्र के रूप में सिकंदर ने अभिनय किया। वहीं परशुराम की भूमिका गौरव और रावण की भूमिका कमल ने निभाई। स्वयंवर में विभिन्न राजाओं और अन्य पात्रों की भूमिकाओं में भी कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं।

सीता स्वयंवर रामायण का एक महत्वपूर्ण प्रसंग है, जिसमें भगवान श्रीराम द्वारा शिवधनुष भंग करने के साथ माता सीता और श्रीराम के विवाह का मार्ग प्रशस्त होता है। इस प्रसंग में जहां स्वयंवर की चुनौती उत्सुकता पैदा करती है, वहीं श्रीराम का धैर्य, सामर्थ्य और मर्यादा दर्शकों को आकर्षित करते हैं। कलाकारों ने संवादों और अभिनय के माध्यम से इस प्रसंग की गरिमा को मंच पर प्रस्तुत किया।

श्री रामलीला एवं दशहरा कमेटी के अध्यक्ष आशु सूद के नेतृत्व में आयोजित रामलीला के जरिए रामायण के विभिन्न प्रसंगों को दर्शकों तक पहुंचाया जा रहा है। रामलीला का मंचन 19 अक्तूबर तक जारी रहेगा, जबकि 20 अक्तूबर को विजयदशमी उत्सव मनाया जाएगा। कमेटी ने शहरवासियों से परिवार सहित पहुंचकर रामलीला देखने और इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा बनने की अपील की है।