फतेहाबाद, 27 अगस्त- युवा किसी भी राष्ट्र की रीढ़ होते हैं। यदि हमारी युवा ऊर्जा नशे की दलदल में भटक गई, तो विकसित भारत का सपना अधूरा रह जाएगा। रक्षाबंधन का पवित्र त्योहार सिर्फ एक धागा बांधने का अवसर नहीं, बल्कि बहनों के लिए अपने भाइयों के जीवन को सुरक्षित करने का दिन है। इस बार बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षासूत्र बांधते समय उपहार के रूप में उनसे जीवनभर नशा न करने और नशा करने वालों का साथ न देने का वचन मांगें, यही उनका सबसे बड़ा और सच्चा रक्षाबंधन गिफ्ट होगा। यह बात नशामुक्ति सेना के संस्थापक और महाशक्ति चैरिटेबल ट्रस्ट के प्रमुख भवानी सिंह ने स्थानीय आईसीएस कोचिंग सेंटर में आयोजित एक विशेष रक्षाबंधन कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को संबोधित करते हुए कही।
जिले में युवाओं को नशा जैसी सामाजिक बुराई से दूर कर समाज की मुख्य धारा में जोडऩे और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान के तहत भवानी सिंह फतेहाबाद के आईसीएस कोचिंग सेंटर पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान कोचिंग सेंटर की सैकड़ों बेटियों और बहनों में रक्षाबंधन पर्व को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। छात्राओं ने भवानी सिंह की कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर उनके द्वारा चलाए जा रहे नशामुक्ति अभियान और समाजहित के कार्यों की जमकर सराहना की तथा इस अभियान में हर संभव सहयोग देने का भरोसा दिया।
छात्राओं ने लिया संकल्प : भाई से मांगेंगी नशामुक्त जीवन का वचन
कार्यक्रम में मौजूद छात्राओं ने भी भवानी सिंह के इस आह्वान का पुरजोर समर्थन किया। बेटियों ने कहा कि इस बार रक्षाबंधन पर जब वे अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधेंगी, तो उनसे किसी महंगे तोहफे के बजाय यह वचन मांगेंगी कि वे कभी नशा नहीं करेंगे और न ही नशा तस्करों या नशा करने वालों का समर्थन करेंगे। छात्राओं का मानना है कि यदि परिवार की बहनें और बेटियां इस अभियान से मजबूती से जुड़ जाएं, तो समाज से नशे की बुराई को जड़ से खत्म किया जा सकता है।
भवानी सिंह ने बेटियों के इस जज्बे की सराहना करते हुए कहा कि जब मातृशक्ति किसी सामाजिक बदलाव का बीड़ा उठाती है, तो क्रांति का आना तय है। इस अवसर पर ललित, कवि प्रीतम, महेन्द्र मास्टर, रवि भाकर, अजय, गुरदीप अयाल्की, कृष्ण पारचा, राजेश बिश्नोई, विक्रम सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधकर बहनें लें नशामुक्त जीवन का उपहार भवानी सिंह
