हिसार:- स्वदेशी जागरण मंच की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में देशभर के प्रतिनिधियों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। इस बैठक में हरियाणा की भी सराहनीय भागीदारी रही। हरियाणा से 18 प्रतिनिधि बैठक में पहुंचे। हिसार से प्रांत स्वेदशी मेला प्रमुख अनिल गोयल, नवीन जैन व डॉ. भगत सिंह सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
  स्वदेशी जागरण मंच स्वदेशी स्वावलंबी भारत अभियान की राष्ट्रीय परिषद की बैठक जयपुर के जगतपुरा में आयोजित की गई। इस दौरान स्वदेशी उत्पादों की प्रदर्शनी व उद्यमी सम्मान समारोह का आयोजन भी किया गया। इस अवसर पर स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय संयोजक आर. सुंदरम कार्यक्रम अध्यक्ष रहे। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल मुख्यातिथि के रूप में मौजूद रहे। इस दौरान मुख्य वक्ता स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय संगठक कश्मीरी लाल ने इस बैठक के उद्देश्यों व स्वदेशी जागरण मंच की विचारधारा की विस्तृत व्याख्या समझाई।
  स्वदेशी आधारित प्रदर्शनी का उदघाटन राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल ने किया। इस दौरान आयोजित की गई बैठक में देश के 45 प्रांतों के 395 कार्यकर्ता उपस्थित रहे जिनमें मातृशक्ति की संख्या 56 रही। इनके अतिरिक्त विचार परिवार से विद्यार्थी परिषद, ग्राहक पंचायत, विद्या भारती, हिन्दू जागरण मंच व सहकार भारती सहित गायत्री परिवार, कनेरी मठ, जागृति यात्रा, दे आसरा, समर्थ भारत एवं तीन बड़े व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधि भी बैठक में सम्मिलित हुए। 
बैठक में भारत एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर प्रस्ताव के साथ ही वर्तमान आर्थिक वैश्विक परिदृश्य एवं युवाओं में सोशल मीडिया के बढ़ते दुष्प्रभावों पर विशेष चर्चा हुई। आगामी दिनों में चार बड़े विषयों विकास का भारतीय प्रतिमान, विश्व व्यापार समझौते, कृत्रिम बुद्धिमत्ता एवं युगानुकुल स्वदेशी पर कार्यदल गठन पर सहमति बनी।
  बैठक में आगामी कार्ययोजना के अंतर्गत स्वावलंबी भारत अभियान को विस्तार देते हुए सभी जिलों में स्वावलंबन केंद्रों की स्थापना एवं जिला प्रशिक्षकों की नियुक्ति पर भी सहमति बनी। स्वदेशी शोध संस्थान, स्वदेशी व्यापारी जुटान, स्वदेशी मेला, निर्यातक फोरम, वित्त सलाहकार परिषद, महिला कार्य, युवा कार्य एवं पर्यावरण कार्य पर भी आगामी योजना तय हुई।
    प्रांत स्वदेशी मेला प्रमुख अनिल गोयल ने सभी जिलों में स्वावलंबन केंद्रों की स्थापना एवं स्वदेशी व्यापारी जुटान के गठन सहित लिए गए सभी निर्णयों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि ऐसा करने से स्वदेशी विचारधारा को बल मिलेगा और अधिक से अधिक लोग स्वदेशी उत्पादों की तरफ आकर्षित होंगे। उन्होंने कहा कि स्वदेशी व्यापारी जुटान का गठन हर जिले, तहसील, खंड, नगर, गांव, बस्ती व मोहल्ले स्तर पर किया जाएगा। इसके साथ ही यह भी समझाया जाएगा कि स्वदेशी विचारधारा व स्वदेशी उत्पादों को पूरे गर्व के साथ प्रस्तुत किया जाए।