नवांशहर (देस राज बाली):- धन-धन श्री गुरु रामदास जी के प्रकाश गुरुपर्व और श्री गुरु रविदास महाराज जी के 650वें प्रकाश उत्सव को समर्पित नवांशहर में आयोजित किए जा रहे वार्षिक अखंड कीर्तन और अमृत संचार समारोह का विशेष पोस्टर आज गुरुद्वारा मंजी साहिब, नवांशहर में संगत और आयोजकों द्वारा संयुक्त रूप से जारी किया गया।
ये धार्मिक समारोह 17 से 25 अक्टूबर 2026 तक नवांशहर और आसपास के विभिन्न स्थानों पर श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजित किए जाएंगे। इसके तहत 17 से 23 अक्टूबर तक प्रतिदिन शाम 6 बजे से रात 9:30 बजे तक महान अखंड कीर्तन समारोह होंगे। कार्यक्रम के अनुसार 17 अक्टूबर को भाई अमृतपाल सिंह जी के निवास, मूसाापुर; 18 अक्टूबर को गुरुद्वारा संगतपुरा, पंडोरा मोहल्ला, नवांशहर; 19 अक्टूबर को गुरुद्वारा सिंह सभा, घाटी तेलियां, राहों; 20 अक्टूबर को गुरुद्वारा श्री गुरु रविदास जी, जब्बोवाल; 21 अक्टूबर को गुरुद्वारा पातशाही छठी, दुर्गापुर; 22 अक्टूबर को गुरुद्वारा सिंह सभा, चंडीगढ़ चौक, नवांशहर; और 23 अक्टूबर को गुरुद्वारा मंजी साहिब, नवांशहर में कीर्तन समारोह आयोजित किए जाएंगे।
इसी श्रृंखला के तहत शनिवार, 24 अक्टूबर को गुरुद्वारा पातशाही नौवीं, मंजी साहिब, नवांशहर में विशेष समारोह होंगे। इनमें सुबह 2 बजे से 5 बजे तक अमृत वेला समारोह, सुबह 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक दिवस सुहेला समारोह और शाम 7 बजे से अगली सुबह 4 बजे तक रैन सबाई कीर्तन होगा। रात 7 बजे महान अमृत संचार भी करवाया जाएगा।
इन समारोहों का सीधा प्रसारण AKJ.org (akj.org), गुरमत विचार, निरबाण कीर्तन जत्था और AKJ पंजाब के माध्यम से किया जाएगा। श्री गुरु रामदास सेवा सोसायटी, नवांशहर; माता गुजरी कौर श्री सुखमनी साहिब सेवा सोसायटी; तथा माता साहिब कौर जी श्री सुखमनी साहिब सेवा सोसायटी, नवांशहर, द्वारा आयोजन में सहयोग दिया जा रहा है।
अखंड कीर्तनी जत्था नवांशहर, बंगा और फगवाड़ा; प्रबंधक जत्थेदार बाबा नरंग सिंह जी; कलगीधर सेवक जत्था, कहमा; करम सिंह अकाली नौजवान वेलफेयर क्लब, कहमा; और विभिन्न धार्मिक संगठनों ने संगत से इन समारोहों में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है।
इस अवसर पर जत्थेदार बाबा नरंग सिंह जी, मुख्य सेवादार गुरुद्वारा मंजी साहिब पातशाही नौवीं, नवांशहर; सुखविंदर सिंह थांदी, अमरजीत सिंह खालसा, कुलवीर सिंह, हरजीत सिंह, कुलविंदर सिंह मान, परमजीत सिंह, सुखबीर सिंह, प्रितपाल सिंह हवेली, नरेंद्र सिंह, कुलविंदर सिंह चक्कदाना, दविंदर कौर और बलविंदर कौर उपस्थित थे।
