हरोली, 9 अक्तूबर:- उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शुक्रवार को पालकवाह स्थित हिमाचल प्रदेश सेंटर ऑफ डिजास्टर प्रिपेयर्डनेस एंड रेजिलिएंस में हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की पहली वार्षिक मीट-2026 में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में पालकवाह स्थित इस संस्थान की अपनी अलग पहचान होगी। प्रदेश सरकार इसके परिसर के विकास और विस्तार के लिए हरसंभव आर्थिक सहयोग प्रदान करेगी। प्रयास किए जाएंगे कि यह परिसर भविष्य में राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित हो और देश के अन्य राज्यों से भी जवान यहां प्रशिक्षण लेने आएं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण सुविधाओं को बेहतर बनाने के साथ यहां राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण कार्यक्रम और परेड आयोजित करने की दिशा में भी काम किया जाना चाहिए।
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि एसडीआरएफ परिसर में इंडोर स्टेडियम बनाने की योजना है। इसके साथ ही स्थानीय पंचायत के सहयोग से खेल मैदान विकसित करने की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे, ताकि युवाओं को खेल गतिविधियों से जोड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि एसडीआरएफ के जवान आपदा के समय प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों में लोगों की सहायता के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों के साथ बेहतर तालमेल बनाना और उन्हें आपदा प्रबंधन से जुड़ी गतिविधियों में सहभागी बनाना जरूरी है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे भी बचाव कार्यों में सहयोग कर सकें।
प्रशिक्षण प्रमाणपत्रों को मान्यता दिलाने की दिशा में करें प्रयास
उप मुख्यमंत्री ने एसडीआरएफ अधिकारियों से कहा कि युवाओं को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण देने के साथ उनके प्रशिक्षण प्रमाणपत्रों को उपयोगी बनाने की दिशा में भी काम किया जाए। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जाए, ताकि एसडीआरएफ से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं के प्रमाणपत्रों को एनसीसी और एनएसएस की तर्ज पर मान्यता दिलाने की संभावनाएं तलाशी जा सकें। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता और प्रशिक्षण से अधिक लोगों को आपात परिस्थितियों में प्रभावी ढंग से कार्य करने के लिए तैयार किया जा सकता है।
वेबसाइट और इन्वेंट्री मैनेजमेंट सिस्टम का शुभारंभ
कार्यक्रम के दौरान एसडीआरएफ के इन्वेंट्री मैनेजमेंट सिस्टम और आधिकारिक वेबसाइट का शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही मणिमहेश यात्रा के दौरान एसडीआरएफ की गतिविधियों और बचाव कार्यों पर आधारित डॉक्यूमेंट्री का विमोचन भी किया गया। आपदा के दौरान लोगों की जान बचाने और राहत-बचाव अभियानों में एसडीआरएफ की सहायता करने वाले आम नागरिकों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री ने एसडीआरएफ की ओर से प्रदर्शित उपकरणों का अवलोकन किया और जवानों एवं प्रशिक्षकों द्वारा प्रस्तुत आपदा बचाव के प्रदर्शन देखे। उन्होंने वार्षिक खेल प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए। रस्साकशी का फाइनल मुकाबला हरोली एसडीआरएफ और शिमला एनडीआरएफ की टीमों के बीच हुआ, जिसमें शिमला की टीम विजेता रही।
हर वर्ष डेढ़ लाख से अधिक लोगों को दिया जा रहा आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण
कमांडेंट जनरल होमगार्ड, सिविल डिफेंस एवं एसडीआरएफ सतवंत अटवाल ने आपदा तैयारियों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि प्रदेश में हर वर्ष डेढ़ लाख से अधिक लोगों को आपदा से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। प्रशिक्षण के माध्यम से लोगों को आपात परिस्थितियों में सुरक्षित रहने, बचाव कार्यों में सहयोग करने और आवश्यक कदम उठाने के लिए तैयार किया जा रहा है।
कार्यक्रम में बच्चों ने भी भाग लिया। इस अवसर पर महासचिव प्रदेश कांग्रेस कमेटी रणजीत राणा, अध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस कमेटी हरोली संदीप अग्निहोत्री, डिप्टी कमांडेंट जनरल होमगार्ड अरविंद पराशर, एसएसपी एसडीआरएफ अर्जित सेन, एसपी ऊना सचिन हीरेमठ, कमांडेंट होमगार्ड हितेश लखनपाल सहित एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के अधिकारी तथा अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
