करनाल, 12 जून हरियाणा कांग्रेस ने प्रदेश सरकार द्वारा 30 सितंबर तक धरना-प्रदर्शन, रैली और जनआंदोलनों पर लगाए गए प्रतिबंध को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ करार देते हुए इसका कड़ा विरोध किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में जनता को अपनी बात रखने और सरकार तक अपनी समस्याएं पहुंचाने का अधिकार है, जिसे किसी भी कीमत पर सीमित नहीं किया जा सकता। करनाल स्थित जाट धर्मशाला में आयोजित हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी की मासिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार प्रतिबंधों के जरिए जनता की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस पार्टी लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर किसी भी प्रकार के हमले को बर्दाश्त नहीं करेगी।
बैठक की शुरुआत अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव सूरज हेगड़े के आकस्मिक निधन पर शोक प्रस्ताव के साथ हुई। उपस्थित नेताओं और पदाधिकारियों ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने कहा कि संगठन के प्रति उनका समर्पण और संघर्ष कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
बैठक में संगठनात्मक अनुशासन को लेकर भी महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए। राव नरेंद्र सिंह ने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस संगठन के नाम पर जिले में आयोजित होने वाला कोई भी कार्यक्रम, धरना, प्रदर्शन या बैठक संबंधित जिला अध्यक्ष की पूर्व अनुमति और जानकारी के बिना आयोजित नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती अनुशासन से ही संभव है और निर्धारित व्यवस्था का पालन सभी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के लिए अनिवार्य होगा।
बैठक में प्रदेशभर से आए जिला अध्यक्षों ने अपने-अपने क्षेत्रों में पिछले एक माह के दौरान किए गए संगठनात्मक, राजनीतिक और जनसंपर्क कार्यक्रमों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। इनमें संगठन विस्तार, जनसंपर्क अभियान, जनहित के मुद्दों पर आंदोलन तथा कार्यकर्ताओं के साथ संवाद जैसी गतिविधियों की समीक्षा की गई।
प्रदेश अध्यक्ष ने सभी जिलाध्यक्षों को बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने, जनता के बीच सक्रिय रहने तथा कांग्रेस की नीतियों और जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने के निर्देश दिए। आगामी कार्यक्रमों, संगठन विस्तार, बूथ प्रबंधन और जनसमस्याओं को लेकर संघर्ष की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर स्थापित लाइब्रेरी का नाम बदलने के निर्णय की भी आलोचना की गई। राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि बाबा साहेब सामाजिक न्याय और संविधान के प्रतीक हैं तथा उनके सम्मान से जुड़ी किसी भी विरासत के साथ समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
रोहतक में हाल ही में हुई आगजनी की घटना पर भी गहरा दुख व्यक्त किया गया। कांग्रेस नेताओं ने मृतकों को श्रद्धांजलि देते हुए राज्य सरकार से पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा, घायलों के बेहतर उपचार और प्रभावित परिवारों के लिए विशेष राहत पैकेज की मांग की।
बैठक में जिलाध्यक्ष पराग गाबा, वरिष्ठ नेता भूपेंद्र सिंह लाठर, रामशरण भोला, रमेश सैनी, सुरजीत सिंह सैनी, बलजीत चौहान, अनिल शर्मा, जतरुण चौहान सहित प्रदेशभर के कई पदाधिकारी, पूर्व विधायक और संगठनात्मक प्रकोष्ठों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।