चंडीगढ़, 7 अक्तूबर:- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि राज्य की मंडियों में खरीदे जा रहे धान और बाजरे की फसल की तुरंत उठान सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। मंडियों में खरीद से लेकर उठान और भुगतान तक की पूरी व्यवस्था सुचारू रूप से चलनी चाहिए।

मुख्यमंत्री बुधवार को चंडीगढ़ में खरीफ फसलों की खरीद प्रक्रिया की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजेंद्र कुमार, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती अमनीत पी. कुमार सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

अब तक 5 लाख क्विंटल धान की खरीद

बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि राज्य में जारी खरीफ फसलों की खरीद प्रक्रिया के तहत अब तक 5 लाख क्विंटल धान की खरीद की जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडियों में आवक बढ़ने के साथ-साथ उठान की व्यवस्था भी उसी गति से सुनिश्चित की जाए, ताकि मंडियों में अनावश्यक स्टॉक जमा न हो और किसानों को अपनी फसल मंडियों में लाने में कोई परेशानी न हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस वर्ष हरियाणा के किसानों को बाजरे के लिए ₹2,900 प्रति क्विंटल का न्यूनतम समर्थन मूल्य सुनिश्चित करेगी। इस वर्ष सरकार द्वारा बाजरे की खरीद ₹2,300 प्रति क्विंटल की दर से की जाएगी। यदि किसी किसान को खुले बाजार में ₹2,300 प्रति क्विंटल से अधिक का भाव मिलता है, तो बिक्री मूल्य और ₹2,900 के एमएसपी के बीच के अंतर की भावांतर भरपाई योजना के तहत सरकार द्वारा भरपाई की जाएगी। सरकार द्वारा भावांतर भरपाई योजना के तहत किसानों को ₹600 प्रति क्विंटल का लाभ दिया जाएगा। बैठक में बताया गया कि इस वर्ष खुले बाजार में बाजरा लगभग ₹2,235 प्रति क्विंटल की औसत दर पर बिक रहा है। इसके अलावा बाजरे की खरीद निजी डीलरों द्वारा भी की जा रही है।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि पिछले वर्ष बाजरा खरीद के लिए सरकार द्वारा पहले ₹2,150 और बाद में ₹2,200 प्रति क्विंटल की दर निर्धारित की गई थी। सरकार और आढ़तियों द्वारा निर्धारित खरीद मूल्य तथा ₹2,900 प्रति क्विंटल के एमएसपी के बीच के अंतर की भरपाई सरकार द्वारा अलग से की गई थी।

प्रशासनिक सचिव मंडियों का दौरा कर दें रिपोर्ट

मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक सचिवों को निर्देश दिए कि वे स्वयं मंडियों का दौरा कर खरीद, उठान और किसानों की सुविधाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लें और इसकी रिपोर्ट सरकार को सौंपें। वरिष्ठ अधिकारी मंडियों में जाकर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति की निगरानी करें। इसके अलावा, खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए प्रत्येक मंडी में एचसीएस स्तर के अधिकारी की नियुक्ति की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन राइस मिलरों के पास पिछले वर्ष खरीदा गया धान बचा हुआ है, उसे लेकर विभाग के अधिकारियों की टीम का गठन किया गया है। व्यापारियों की सुविधा के लिए ₹2,777 प्रति क्विंटल की राशि निर्धारित की गई है।

बैठक में मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव डॉ. यशपाल, एमडी हैफेड चंद्रशेखर खरे, निदेशक खाद्य एवं आपूर्ति डॉ. अंशज सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।