नई दिल्ली:- दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को नीट-यूजी (मेडिकल प्रवेश परीक्षा) पेपर लीक मामले में 14 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता ने कहा कि इस संबंध में आदेश 18 नवंबर को सुनाया जाएगा। इस साल की शुरुआत में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 13 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था।

इस मामले की सुनवाई फिलहाल एक फास्ट-ट्रैक अदालत में चल रही है, जो “पेपर लीक होने और परीक्षाओं में अन्य अनुचित तरीकों के इस्तेमाल” से जुड़े आपराधिक मामलों की सुनवाई करती है। CBI ने 14वें आरोपी, महाराष्ट्र के नांदेड़ निवासी शेषराव बजरंग सूर्यवंशी (उर्फ राज सूर्यवंशी) के खिलाफ भी एक पूरक आरोपपत्र दाखिल किया है।

सूर्यवंशी को 2 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट (अंडरग्रेजुएट), जिसे नीट-यूजी कहा जाता है, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा उन विद्यार्थियों के लिए आयोजित किया जाता है, जो मेडिकल की पढ़ाई करना चाहते हैं। पेपर लीक के आरोपों के बीच NTA ने 3 मई को हुई नीट-यूजी परीक्षा रद्द कर दी थी। इसके बाद 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई थी।