एसएएस नगर, 21 अक्टूबर:- पंजाब द्वारा पहली बार एशियन चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी टूर्नामेंट की मेजबानी करना राज्य की समृद्ध खेल विरासत और अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर बढ़ती पहचान का प्रतीक है। इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के सेमीफाइनल और फाइनल जैसे महत्वपूर्ण मुकाबलों की मेजबानी के लिए मोहाली का चयन शहरवासियों के लिए गर्व का क्षण है। यह बात नगर निगम मोहाली के मेयर सरबजीत सिंह समाना ने आज फेज-9 स्थित ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लेने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कही। उन्होंने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन न केवल मोहाली को वैश्विक स्तर पर नई पहचान देगा, बल्कि पंजाब के युवाओं में हॉकी के प्रति जुनून को और मजबूत करने तथा राज्य में अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन के नए रास्ते खोलने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
मेयर ने कहा कि 27 अक्टूबर से 5 नवंबर तक जालंधर और मोहाली में होने वाला यह टूर्नामेंट पंजाब की समृद्ध हॉकी विरासत को और मजबूत करेगा तथा युवाओं को खेलों से जुड़ने के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा कि मोहाली में 4 नवंबर को दो सेमीफाइनल मुकाबले और 5 नवंबर को तीसरे स्थान के लिए मुकाबले के साथ फाइनल खेला जाएगा। इससे अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर शहर की पहचान और मजबूत होगी।
उन्होंने बताया कि टूर्नामेंट में भारत, जापान, कोरिया, मलेशिया, चीन और बांग्लादेश की टीमें हिस्सा लेंगी। सभी मैचों में दर्शकों का प्रवेश बिल्कुल मुफ्त होगा, जिससे हॉकी प्रेमी बड़ी संख्या में स्टेडियम पहुंचकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ा सकेंगे।
मेयर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार टूर्नामेंट के सफल आयोजन के लिए 25.40 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इसके अलावा, जालंधर के ओलंपियन सुरजीत हॉकी स्टेडियम के उन्नयन पर 14 करोड़ रुपये और मोहाली के ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम पर 8.96 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि खेल बुनियादी ढांचे में किया जा रहा यह निवेश भविष्य में भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की मेजबानी करने में सहायक होगा।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने खेलों को बढ़ावा देने के लिए मौजूदा वित्तीय वर्ष में 1,743 करोड़ रुपये का खेल बजट रखा है। ओलंपिक की तैयारी कर रहे खिलाड़ियों को 15 लाख रुपये और एशियाई तथा राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारी करने वाले खिलाड़ियों को 8 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जा रही है। वर्ष 2022 से अब तक 40 हजार से अधिक खिलाड़ियों को 135 करोड़ रुपये के नकद पुरस्कार दिए जा चुके हैं।
मेयर ने कहा कि ओलंपिक पदक विजेताओं को स्वर्ण पदक के लिए 3 करोड़ रुपये, रजत पदक के लिए 2 करोड़ रुपये और कांस्य पदक के लिए 1 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि दी जाती है। ये प्रयास खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और राज्य का नाम रोशन करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।
उन्होंने कहा कि एशियन चैंपियंस ट्रॉफी जैसे अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट का सफल आयोजन पंजाब में बड़े खेल मुकाबलों के लिए नई संभावनाएं खोलेगा। पंजाब द्वारा 2030 के हॉकी विश्व कप के मैचों की मेजबानी के लिए बोली प्रस्तुत करने का प्रस्ताव भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मेयर ने शहरवासियों और हॉकी प्रेमियों से अपील की कि वे बड़ी संख्या में स्टेडियम पहुंचकर अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाएं और पंजाब की खेल भावना का प्रदर्शन करें।
इस अवसर पर डिप्टी मेयर हरपाल सिंह चन्ना और जिला खेल अधिकारी उमेश्वरी शर्मा भी मौजूद थीं।
