संगरूर, 9 अक्तूबर:- मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा कृषि के लिए पानी के वैकल्पिक स्रोत विकसित करने और भूजल संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों के तहत विधायक नरिंदर कौर भराज ने आज हरेड़ी गांव में एक महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजना का नींव पत्थर रखा। इस परियोजना के तहत संगरूर के 4 एमएलडी क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के शोधित पानी को भूमिगत पाइपों के माध्यम से खेतों तक पहुंचाकर सिंचाई के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।

इस अवसर पर विधायक नरिंदर कौर भराज ने बताया कि परियोजना के निर्माण पर कुल 166.98 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे और पूरी राशि पंजाब सरकार द्वारा उपलब्ध करवाई गई है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से लगभग 121 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई की सुविधा मिलेगी और 52 किसान परिवारों को सीधे लाभ पहुंचेगा।

विधायक ने कहा कि शोधित पानी का कृषि में इस्तेमाल करने से किसानों को सिंचाई का एक अतिरिक्त स्रोत उपलब्ध होगा। इससे फसलों की पैदावार बढ़ने की संभावना के साथ-साथ भूजल की 20 से 30 प्रतिशत तक बचत होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि पानी की हर बूंद का उचित उपयोग सुनिश्चित करना और आने वाली पीढ़ियों के लिए इस अनमोल प्राकृतिक संसाधन को सुरक्षित रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है।

गांव में किसानों के एकत्रित समूह को संबोधित करते हुए नरिंदर कौर भराज ने कहा कि पंजाब सरकार किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के शोधित पानी को कृषि में इस्तेमाल करने वाली ऐसी परियोजनाएं पानी के पुनः उपयोग को बढ़ावा देने और भूजल पर निर्भरता कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पानी बचाने वाली तकनीकों को अपनाएं और सिंचाई के लिए उपलब्ध वैकल्पिक स्रोतों का उचित उपयोग करें। उन्होंने कहा कि सरकारी प्रयासों के साथ किसानों की सक्रिय भागीदारी पानी संरक्षण के उद्देश्य को और मजबूत करेगी।

इस अवसर पर भूपिंदर नाहिल, विक्रम नक्टे, सुखा मान, खुशविंदर सिंह चिड़ी कोच, भूमि एवं जल संरक्षण विभाग के मंडल और उप-मंडल स्तर के अधिकारी, भूमि संरक्षण अधिकारी जसपाल सिंह, भूपिंदर सिंह और मनजीत कौर सहित विभाग का पूरा स्टाफ तथा किसान उपस्थित थे।