हरोली/ऊना, 23 मई (राजवीर चोपड़ा):- नगर पंचायत क्षेत्र के निवासी 50 वर्षीय मदन लाल पिछले करीब 18 महीनों से पैरालाइज की गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। बताया जा रहा है कि काम पर जाने से पहले अचानक घर पर ही उन्हें पैरालाइज का अटैक आया, जिसके बाद से वह लगातार बिस्तर पर हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर हो चुकी है कि अब घर का गुजारा चलाना भी मुश्किल हो गया है।
मदन लाल की पत्नी सुषमा देवी ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि पति के इलाज के लिए उन्होंने हर संभव प्रयास किया, लेकिन आज तक कोई विशेष राहत नहीं मिल सकी। उन्होंने बताया कि परिवार में कमाने वाले केवल उनके पति ही थे और पिछले डेढ़ साल से उनके बिस्तर पर होने के कारण पूरा परिवार आर्थिक संकट में आ गया है। इलाज में परिवार की जमा पूंजी भी खत्म हो चुकी है।
सुषमा देवी ने बताया कि उनका बेटा और बेटी दोनों सरकारी स्कूल में पढ़ते हैं। राशन कार्ड एपीएल श्रेणी में होने के कारण उन्हें कई सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पा रहा। उन्होंने कहा कि सहारा पेंशन के लिए एक वर्ष से अधिक समय पहले आवेदन किया गया था, लेकिन आज तक पेंशन शुरू नहीं हो सकी।
उन्होंने बताया कि करीब एक साल पहले ऊना अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा 75 प्रतिशत दिव्यांगता प्रमाण पत्र भी जारी किया गया था, लेकिन अब नया प्रमाण पत्र बनवाने की बात कहकर उन्हें बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगवाए जा रहे हैं। सुषमा देवी ने कहा, “एक तरफ मरीज की हालत गंभीर है और दूसरी तरफ सिस्टम ने परेशान कर रखा है।”
इस मामले को नगर पंचायत के नवनिर्वाचित पार्षद अजय सहगल ने प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि गरीब परिवार की सहायता होना बेहद जरूरी है। उन्होंने परिवार को व्हीलचेयर उपलब्ध करवाने का आश्वासन भी दिया है।
सुषमा देवी ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि उनके पति के बेहतर इलाज की व्यवस्था की जाए तथा जल्द से जल्द सहारा पेंशन शुरू कर परिवार को राहत प्रदान की जाए।