नई दिल्ली: दिल्ली के उपमुख्यमंत्री प्रवेश साहिब सिंह द्वारा दायर ₹5 करोड़ के दीवानी मानहानि (civil defamation) मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता सौरभ भारद्वाज को औपचारिक समन जारी किया है।
इस बड़े कानूनी मुकाबले की कमान मुख्य रूप से अधिवक्ता सुरेंद्र सिन्हा (Advocate Surender Sinha), वरिष्ठ अधिवक्ता सचिन पुरी (Senior Advocate Sacchin Puri) के नेतृत्व वाले एक शक्तिशाली कानूनी दल ने संभाली है। उपमुख्यमंत्री का प्रतिनिधित्व कर रहे इस मजबूत कानूनी पैनल में अधिवक्ता प्रवीण कुमार, सुरभि शर्मा, सार्थक गुप्ता, सुमर राज और निकुंज त्रिपाठी भी शामिल हैं।

अदालत ने जारी की सख्त समय-सीमा
यह दीवानी मामला संयुक्त रजिस्ट्रार (न्यायिक) गगनदीप जिंदल के समक्ष सुनवाई के लिए आया, जिन्होंने निर्देश दिया कि इस शिकायत को औपचारिक रूप से एक मुकदमे (suit) के रूप में दर्ज किया जाए। अदालत ने आदेश दिया कि सौरभ भारद्वाज को सभी कानूनी रूप से अनुमत माध्यमों से तुरंत समन तामील कराया जाए।

हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों के लिए एक सख्त समय-सीमा तय की है:
लिखित बयान (Written Statement): सौरभ भारद्वाज को समन मिलने के 30 दिनों के भीतर एक विस्तृत लिखित जवाब दाखिल करना होगा, जिसके साथ दस्तावेजों को स्वीकार या अस्वीकार करने का एक अनिवार्य हलफनामा (affidavit) भी लगाना होगा।
प्रत्युत्तर (Replication): इसके बाद उपमुख्यमंत्री प्रवेश साहिब सिंह को अपना प्रत्युत्तर दाखिल करने के लिए 30 दिनों का समय दिया गया है। आदेश में यह भी दर्ज है कि वादी (plaintiff) को एक सप्ताह के भीतर आवश्यक अदालती शुल्क जमा करने का निर्देश दिया गया है।
अगली सुनवाई: इस मामले को आधिकारिक रूप से 7 सितंबर, 2026 को समन की तामीली पूरी होने, दलीलों, दस्तावेजों की स्वीकार्यता/अस्वीकार्यता और साक्ष्यों को अंकित करने (marking of exhibits) के लिए सूचीबद्ध किया गया है।

₹5 करोड़ के दावे की मुख्य वजह
अदालती दस्तावेजों के अनुसार, सिंह ने सौरभ भारद्वाज द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई कुछ विशिष्ट सामग्रियों के संदर्भ में ₹5 करोड़ का हर्जाना मांगा है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इन पोस्टों में एक स्थानीय स्कूल के संदर्भ में सिंह के खिलाफ झूठे और मानहानिकारक बयान शामिल थे, जहां तीन साल की बच्ची के साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न किया गया था। सिंह का कहना है कि ये बयान पूरी तरह से मनगढ़ंत, दुर्भावनापूर्ण हैं और इससे उनकी सार्वजनिक प्रतिष्ठा को गंभीर और अपूरणीय क्षति पहुंची है।

समानान्तर आपराधिक कार्यवाही भी तेज
हाईकोर्ट में चल रही दीवानी कार्यवाही के अलावा, उपमुख्यमंत्री ने दोतरफा कानूनी रणनीति अपनाते हुए राउज एवेन्यू कोर्ट में भारद्वाज के खिलाफ आपराधिक मानहानि (criminal defamation) की कार्यवाही भी शुरू कर दी है।
यह आपराधिक मामला हाल ही में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) पारस दलाल की अदालत के समक्ष सुनवाई के लिए आया था। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इस पर तेजी से कार्रवाई की है और शिकायतकर्ता प्रवेश साहिब सिंह व उनके गवाहों के मुख्य परीक्षण (examination) के लिए 9 जून और 11 जून, 2026 की तारीखें तय की हैं।
अब जबकि दीवानी और आपराधिक दोनों ही अदालतें पूरी तरह से एक्शन में हैं, राजनीतिक और कानूनी गलियारों में इस बड़े टकराव के आने वाले दिनों में और तेज होने की उम्मीद है।