जैतो, 8 जून: छठे पातशाह श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी का गुरुगद्दी दिवस आज शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा श्री अकाल तख्त साहिब पर श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। इस दौरान सचखंड श्री हरमंदिर साहिब, श्री अकाल तख्त साहिब और गुरुद्वारा बाबा अटल राय साहिब में जलो सजाए गए और बड़ी संख्या में संगतों ने सचखंड श्री हरमंदिर साहिब व श्री अकाल तख्त साहिब पर नतमस्तक होकर गुरु साहिब को सम्मान भेंट किया।
श्री अकाल तख्त साहिब पर श्री अखंड पाठ साहिब के भोग के उपरांत सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के हजूरी रागी जत्थे ने गुरबाणी कीर्तन किया। अरदास भाई प्रेम सिंह ने की और संगत को हुकमनामा श्री अकाल तख्त साहिब के हेड ग्रंथी ज्ञानी गुरमुख सिंह ने श्रवण करवाया।
समागम के अवसर पर संगत को संबोधित करते हुए श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज्ज ने श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी के गुरुगद्दी दिवस की बधाई देते हुए कहा कि छठे पातशाह जी द्वारा सृजित श्री अकाल तख्त साहिब 'मीरी और पीरी' के सिद्धांत का प्रत्यक्ष प्रकटीकरण है। गुरु साहिब ने गुरुगद्दी पर विराजमान होकर सिखों को जहां शस्त्रधारी होने का उपदेश दिया, वहीं अच्छे घोड़े और शस्त्र भेंट करने के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सिखों ने हमेशा गुरु उपदेशों पर चलते हुए गुरबाणी का जाप करके स्वयं को मजबूत किया है। गुरबाणी के सहारे से ही सिख योद्धाओं ने बड़े-बड़े संघर्ष लड़े। सिख सिद्धांतों की प्रेरणा ही थी कि सिख योद्धा जुल्म के खिलाफ फांसी पर चढ़ गए।
उन्होंने कहा कि आज सरकारें विमर्श (नैरेटिव) सृजित करके सिखों को गुरबाणी और सिद्धांतों से तोड़ने का प्रयास कर रही हैं। सरकार द्वारा लाए गए नए कानून की कुछ धाराएं भी इसी विमर्श का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि बहुत सी संगतें कानून के डर के कारण अपने घरों से गुटका साहिब और पोथियां गुरु घरों में जमा करवा रही हैं। जत्थेदार गरगज्ज ने संगतों से अपील की कि ऐसे विमर्श को तोड़ने की आवश्यकता है। संगत किसी भी प्रकार के भय में न आए और अपने घरों में गुरबाणी के पावन गुटका साहिब और पोथियां पूरे सम्मान और मर्यादा के साथ रखें, न कि जमा करवाएं। उन्होंने कहा कि हमारा सहारा गुरबाणी है और कोई भी कानून सिख को गुरबाणी से अलग नहीं कर सकता।
उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब से संगतों की भावनाओं के अनुसार सरकार को कानून में कुछ संशोधन करने के लिए कहा गया था, लेकिन पंजाब सरकार अड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में श्री अकाल तख्त साहिब पर पांच सिंह साहिबानों की बैठक करके इस मामले संबंधी सिख पंथ के नाम आदेश जारी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गुरबाणी से तोड़ने वाले किसी भी कानून को न तो सिखों ने माना है और न ही मानेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सिखों को मीरी-पीरी के सिद्धांत पर पहरा देते हुए राजनीतिक रूप से मजबूत होने के लिए एकजुट होने की आवश्यकता है। उन्होंने संगतों को गुरु उपदेशों के अनुसार जीवन जीने और गुरबाणी से जुड़ने की प्रेरणा भी दी।
इस अवसर पर सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के ग्रंथी सिंह साहिब ज्ञानी बलजीत सिंह, श्री अकाल तख्त साहिब के हेड ग्रंथी ज्ञानी गुरमुख सिंह, ज्ञानी मलकीत सिंह, सचिव गुरिंदर सिंह मथरेवाल, मीत सचिव बलविंदर सिंह खैराबाद, श्री दरबार साहिब के मैनेजर मेजर सिंह, सुपरिटेंडेंट निशान सिंह, इंचार्ज मलकीत सिंह बहड़वाल, इंचार्ज बगीचा सिंह, अतिरिक्त मैनेजर बिक्रम सिंह झंगी, गुरविंदर सिंह देवीदासपुरा, युवराज सिंह और अन्य उपस्थित थे।