एसएएस नगर, 12 मई- पास के गांव सोहाना के ऐतिहासिक गुरुद्वारा सिंह शहीदां में 315वें सरहिंद फतेह दिवस की खुशी में विशेष गुरमत समागम का आयोजन किया गया। इस अवसर की खुशी में सुबह श्री सहज पाठ साहिब जी का भोग करने के बाद पूरे दिन गुरमत समागम आयोजित किया गया।
इस गुरमत समागम में भाई प्रेम सिंह के इंटरनेशनल ढाडी जत्थे ने बाबा बंदा सिंह जी बहादुर द्वारा छोटे साहिबजादों और माता गुजरी जी की शहादत का बदला लेते हुए 1710 ई. में वजीर खान को मारकर, सरहिंद की ईंट से ईंट बजा कर फतेह करने का पूरा प्रसंग संगत को विस्तार से सुनाया। 
भाई मनदीप सिंह, गुरुद्वारा श्री भामियां साहिब वालों ने अपने रस भरे कीर्तन के माध्यम से संगत को इलाही बाणी से जोड़कर गुरु से जोड़ने का प्रयास किया। शिरोमणि प्रचारक भाई सुखविंदर सिंह दमदमी टकसाल साहिब वालों ने अपने प्रवचनों के माध्यम से बाबा बंदा सिंह बहादुर द्वारा सिख राज्य की स्थापना करने और साहिबजादा बाबा फतेह सिंह जी के नाम पर शहर का नाम श्री फतेहगढ़ साहिब रखने के बारे में संगत को विस्तार से अवगत कराया।
इसके अलावा, भाई करनवीर सिंह, भाई सरूप सिंह, हरजस कीर्तनी जत्था, भाई गुरदीप सिंह, भाई महिंदर सिंह, भाई गुरविंदर सिंह, भाई कुलदीप सिंह, सुखमनी सेवा सोसाइटी की बीबियां, भाई जसविंदर सिंह के जत्थों के अलावा गुरुद्वारा सिंह शहीदां के हजूरी जत्थे भाई जसवंत सिंह, भाई गुरमीत सिंह, भाई हरबख्श सिंह, और भाई इंदरजीत सिंह ने कथा-कीर्तन, कविश्री, और गुरमत विचारों के माध्यम से संगत को पूरे दिन हरि जस सुनाकर निहाल किया। सभी जत्थों को सिरोपाओ देकर सम्मानित किया गया।
गुरु का लंगर संगत को पूरे दिन अटूट वितरित किया गया।
गुरुद्वारा सिंह शहीदां की प्रबंधक समिति के प्रवक्ता ने बताया कि आगामी 14 मई को गुरुद्वारा सिंह शहीदां के पहले मुख्य ग्रंथी बाबा बलवंत सिंह की 40वीं बरसी बड़ी श्रद्धा भावना के साथ मनाई जाएगी। इस दिन सुबह श्री सहज पाठ साहिब जी के भोग के बाद श्री दरबार साहिब अमृतसर के हजूरी रागी जत्थे, इंटरनेशनल ढाडी जत्थे, और उच्च कोटि के पंथ प्रसिद्ध प्रचारक संगत को हरि जस सुनाकर निहाल करेंगे। गुरु का लंगर पूरे दिन अटूट वितरित किया जाएगा।