नवांशहर, 7 नवंबर (जतिंदरपाल सिंह कलेर):- भारत में डिग्री हासिल करने के बावजूद अनेक विद्यार्थी अपना जीवन स्तर ऊंचा उठाने और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए उचित वेतन वाली नौकरी के अवसर प्राप्त नहीं कर पाते। ऐसे में युवाओं के लिए विदेशों में उच्च शिक्षा हासिल करके बेहतर रोजगार के अवसर तलाशना समय की आवश्यकता बन गया है। ये विचार विजन इमिग्रेशन के एम.डी. प्रवीण अरोड़ा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि विदेशों में शिक्षा और रोजगार के इच्छुक युवाओं के लिए ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, यू.के., न्यूजीलैंड और जर्मनी प्रमुख पसंदीदा देश बनकर उभर रहे हैं। इन देशों में भारतीय विद्यार्थियों के लिए शिक्षा और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। इसके साथ ही यूरोप के कई अन्य देशों ने भी भारतीय युवाओं के लिए अपने द्वार खोल दिए हैं। वर्तमान में विद्यार्थी साइप्रस, जर्मनी, जॉर्जिया, स्वीडन, डेनमार्क, फिनलैंड, लातविया और लिथुआनिया जैसे देशों में शिक्षा और रोजगार के अवसर तलाश रहे हैं।
उन्होंने बताया कि जर्मनी भारतीय विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के नए अवसर लेकर आ रहा है। इसी तरह साइप्रस में कम निवेश के साथ बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध हैं। साइप्रस में भारतीय विद्यार्थियों के लिए 100 प्रतिशत वीजा सफलता का दावा किया जा रहा है। यहां पढ़ाई पूरी करने के बाद विद्यार्थी अपनी योग्यता और उपलब्ध रोजगार के अवसरों के अनुसार प्रति माह 1,500 से 2,500 यूरो तक कमाने की संभावनाएं तलाश सकते हैं।
उन्होंने बताया कि लातविया और लिथुआनिया में भी कम बजट में अच्छी शिक्षा हासिल करने के अवसर उपलब्ध हैं। वहीं नर्सिंग की पढ़ाई करने वाली छात्राएं भारत की तुलना में दुबई में प्रति माह एक लाख रुपये तक कमाने के अवसर प्राप्त कर सकती हैं। इसके अलावा माल्टा में हेल्थकेयर वर्कर के रूप में भी बेहतर वेतन पैकेज हासिल करने की संभावनाएं हैं।
उन्होंने बताया कि प्लस टू के बाद जॉर्जिया में नर्सिंग तथा चीन, कजाकिस्तान और जॉर्जिया में एमबीबीएस करने के अवसर उपलब्ध हैं। खास तौर पर नीट में कम रैंक हासिल करने के कारण भारत के मेडिकल कॉलेजों में दाखिले से वंचित रह जाने वाले विद्यार्थी विदेशों में एमबीबीएस की पढ़ाई करके डॉक्टर बनने का अपना सपना पूरा कर सकते हैं।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि विदेश जाने से पहले सही जानकारी प्राप्त करें और किसी भरोसेमंद संस्था का चयन अवश्य करें, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।
