होशियारपुर/रेलमाजरा, दलजीत अजनोहा:- पंजाब में तकनीकी, व्यावसायिक एवं कौशल आधारित उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थापित लैमरिन टेक स्किल्स यूनिवर्सिटी, पंजाब, युवाओं को आधुनिक उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने की दिशा में कार्य कर रही है। जिला शहीद भगत सिंह नगर के रेलमाजरा क्षेत्र में स्थित यह विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को पारंपरिक शैक्षणिक ज्ञान के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण और उद्योगों से जुड़ी शिक्षा उपलब्ध कराने पर विशेष जोर देता है।
इसी सिलसिले में वरिष्ठ संवाददाता दलजीत अजनोहा ने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) अरविंदर सिंह चावला से विशेष बातचीत की। इस बातचीत में विश्वविद्यालय में संचालित पाठ्यक्रमों, आधुनिक तकनीकी शिक्षा, विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं, उद्योगों के साथ सहयोग तथा रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, लैमरिन टेक स्किल्स यूनिवर्सिटी, पंजाब, की स्थापना पंजाब राज्य अधिनियम संख्या 22, वर्ष 2021 के अंतर्गत की गई है और इसे विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से मान्यता प्राप्त है। विश्वविद्यालय उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल आधारित शिक्षा प्रदान करने वाले संस्थान के रूप में विकसित हो रहा है।
आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में केवल शैक्षणिक डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों के लिए तकनीकी दक्षता, समस्या समाधान की क्षमता, डिजिटल ज्ञान और कार्यक्षेत्र का व्यावहारिक अनुभव भी महत्वपूर्ण हो गया है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय अपने शैक्षणिक कार्यक्रमों में उद्योग आधारित प्रशिक्षण और व्यावहारिक शिक्षा को महत्व देता है।
विश्वविद्यालय में कंप्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग से जुड़े कार्यक्रमों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग, साइबर सुरक्षा, डेटा साइंस और इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसी आधुनिक तकनीकों पर केंद्रित विशेषज्ञताओं के विकल्प उपलब्ध हैं।
विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर प्रकाशित विवरण के अनुसार, बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के कुछ कार्यक्रमों में विद्यार्थियों के लिए उद्योग में प्रशिक्षण अथवा ऑन-द-जॉब डिप्लॉयमेंट की व्यवस्था भी शामिल है। इससे विद्यार्थियों को अपनी तकनीकी जानकारी वास्तविक कार्यक्षेत्र में इस्तेमाल करने का अवसर मिल सकता है।
इन कार्यक्रमों की पात्रता, अवधि, प्रशिक्षण व्यवस्था और प्रवेश की शर्तें संबंधित पाठ्यक्रम के अनुसार अलग-अलग हैं।
लैमरिन टेक स्किल्स यूनिवर्सिटी की शैक्षणिक व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण विशेषता उद्योगों के साथ सहयोग है। विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर आईबीएम और लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) सहित विभिन्न उद्योगों एवं कौशल विकास भागीदारों के साथ जुड़ाव का उल्लेख किया गया है।
ऐसे सहयोग का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों, उद्योगों की कार्यप्रणाली और व्यावहारिक कौशल से परिचित कराना है। विश्वविद्यालय में उद्योग केंद्रित तकनीकी कार्यक्रमों और प्रयोगशाला आधारित प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों को बदलती रोजगार आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने का प्रयास किया जाता है।
हालांकि, किसी उद्योग के साथ शैक्षणिक सहयोग को उस कंपनी में निश्चित नौकरी या प्लेसमेंट की गारंटी नहीं माना जाना चाहिए। विद्यार्थियों को प्रवेश लेने से पहले संबंधित कार्यक्रम की वास्तविक प्रशिक्षण व्यवस्था, पात्रता और प्लेसमेंट संबंधी शर्तों की जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।
विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर रेलटेल और राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) के सहयोग से संचालित कौशल आधारित कार्यक्रमों का भी उल्लेख है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य रेलवे तथा उससे जुड़े तकनीकी और सहायक क्षेत्रों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इन कार्यक्रमों में लॉजिस्टिक्स एवं सप्लाई चेन, कैटरिंग टेक्नोलॉजी, साइबर सुरक्षा, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, रेलवे नियंत्रण एवं सुरक्षा प्रणालियों, इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन, ब्रिज डिजाइन, टनलिंग और डेटा एनालिटिक्स जैसे विषय शामिल हैं।
कुछ कार्यक्रम डिप्लोमा तथा कुछ अल्पकालिक प्रमाणपत्र पाठ्यक्रमों के रूप में प्रस्तुत किए गए हैं। इनकी अवधि और प्रवेश संबंधी शर्तें पाठ्यक्रम के अनुसार निर्धारित होती हैं।
इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम उन युवाओं और कार्यरत व्यक्तियों के लिए उपयोगी हो सकते हैं, जो किसी विशेष क्षेत्र में तकनीकी दक्षता बढ़ाना चाहते हैं या अपने मौजूदा कौशल को उन्नत करना चाहते हैं।
तकनीकी शिक्षा के अतिरिक्त विश्वविद्यालय के कौशल आधारित शिक्षा पोर्टल पर हॉस्पिटैलिटी एवं होटल मैनेजमेंट, फूड सेफ्टी एंड क्वालिटी मैनेजमेंट, ऑयल एंड गैस सेफ्टी ऑपरेशंस, मैनेजमेंट स्टडीज, बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन, हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन और हेल्थकेयर सर्विसेज जैसे क्षेत्रों के पाठ्यक्रम भी सूचीबद्ध हैं।
इन विषयों में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों के लिए संबंधित कार्यक्रमों की शैक्षणिक पात्रता, पाठ्यक्रम की मान्यता, प्रशिक्षण पद्धति और भविष्य में उपलब्ध करियर विकल्पों की जानकारी लेना आवश्यक है।
विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर विभिन्न प्रकार के कौशल आधारित डिग्री कार्यक्रमों, डिप्लोमा, प्रमाणपत्र और क्रेडिट आधारित शिक्षा विकल्पों की जानकारी भी दी गई है। इन कार्यक्रमों की उपलब्धता तथा प्रवेश की स्थिति की पुष्टि विश्वविद्यालय से की जानी चाहिए।
शैक्षणिक गतिविधियों के साथ विद्यार्थियों के लिए बेहतर अध्ययन वातावरण और आवश्यक बुनियादी सुविधाएं भी उच्च शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, परिसर में विज्ञान प्रयोगशालाओं, कंप्यूटर लैब, वाई-फाई, स्मार्ट क्लासरूम, सेमिनार हॉल, लैपटॉप लैब, खेल मैदान, ओपन जिम, छात्रावास, परिवहन सुविधा और मेडिकल केयर सेंटर जैसी सुविधाओं का उल्लेख है।
विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग छात्रावासों तथा परिसर में 24 घंटे एंबुलेंस सहायता का भी विवरण दिया गया है। इन सुविधाओं का उद्देश्य विद्यार्थियों को अध्ययन, प्रशिक्षण और परिसर जीवन के लिए आवश्यक वातावरण उपलब्ध कराना है।
प्रवेश से पहले विद्यार्थियों और अभिभावकों को छात्रावास की उपलब्धता, परिवहन मार्ग, शुल्क, चिकित्सा सुविधा और अन्य संबंधित नियमों की प्रत्यक्ष पुष्टि कर लेनी चाहिए।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत व्यावहारिक ज्ञान, कौशल विकास, बहुविषयक शिक्षा और रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण को महत्व दिया जा रहा है। ऐसे समय में उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करना उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए महत्वपूर्ण हो गया है।
लैमरिन टेक स्किल्स यूनिवर्सिटी का कौशल आधारित शिक्षा मॉडल भी इसी आवश्यकता से जुड़ा है। विश्वविद्यालय की शैक्षणिक पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को तकनीकी दक्षता के साथ ऐसा व्यावहारिक अनुभव उपलब्ध कराना है, जिससे वे विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार, आगे की शिक्षा अथवा उद्यमिता के अवसरों के लिए स्वयं को तैयार कर सकें।
कुलपति प्रो. (डॉ.) अरविंदर सिंह चावला ने 9 जुलाई 2025 को विश्वविद्यालय के कुलपति का पदभार संभाला था। विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित उनके संदेश में कौशल आधारित शिक्षा, उद्योगों के अनुरूप प्रशिक्षण, नवाचार और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को महत्वपूर्ण बताया गया है।
