करनाल, 4 अक्तूबर (प्रवीण वालिया):- हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह एवं प्रदेश कांग्रेस प्रभारी संजय दत्त ने करनाल की नई अनाज मंडी का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने किसानों की फसल खरीद और एमएसपी से जुड़े मुद्दों को लेकर किसानों और आढ़तियों से बातचीत की, खरीद व्यवस्था का जायजा लिया और उनकी समस्याएं सुनीं।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जिस समय मंडियों में किसानों की फसल पहुंच रही है, उसी समय सरकारी खरीद व्यवस्था सवालों के घेरे में है। किसान अपनी फसल लेकर मंडी में इंतजार कर रहा है, लेकिन उसे समय पर खरीद और उचित मूल्य की गारंटी नहीं मिल रही।

राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि आज मंडी में किसान की परेशानी साफ दिखाई दे रही है। किसान अपनी फसल लेकर मंडी में बैठा है, लेकिन खरीद व्यवस्था जिस तरह चल रही है, उससे उसे राहत के बजाय इंतजार और चिंता मिल रही है। किसान का एक पैर मंडी में है, क्योंकि उसकी फसल यहां पड़ी है और दूसरा पैर खेत में है, क्योंकि उसे अगली फसल की तैयारी करनी है। ऐसे समय में अगर उसे अपनी फसल बेचने के लिए तीन-तीन, चार-चार दिन इंतजार करना पड़े तो उसकी परेशानी का अंदाजा लगाया जा सकता है।

धान की खरीद के इस महत्वपूर्ण समय में मंडियों में अधिकारियों की नियमित मौजूदगी होनी चाहिए, लेकिन अधिकारी कई-कई दिन मंडियों से नदारद रहते हैं। रविवार या किसी छुट्टी के दिन भी किसान की फसल मंडी में पड़ी रहती है। किसान छुट्टी नहीं करता, फिर उसकी फसल की खरीद व्यवस्था छुट्टी पर कैसे जा सकती है?

सरकारी खरीद व्यवस्था कमजोर होने का सीधा नुकसान किसान को हो रहा है। वह मजबूरी में स्थानीय व्यापारियों को कम दाम पर अपनी फसल बेचने के लिए मजबूर हो रहा है। सरकार को बहाने बनाने के बजाय मंडियों में पर्याप्त अधिकारी और खरीद एजेंसियां तैनात करनी चाहिए तथा किसान को उसकी फसल का उचित मूल्य और एमएसपी सुनिश्चित करना चाहिए।

संजय दत्त ने कहा कि पहले किसान खरीद को लेकर परेशान था, लेकिन अब सरकार खरीद में देरी के लिए तरह-तरह के बहाने बना रही है। यह किसान की मेहनत और उसके अधिकार के साथ अन्याय है। किसान महीनों मेहनत करके फसल तैयार करता है और जब उसकी फसल मंडी में आती है तो उसे खरीद के लिए इंतजार करना पड़ता है।

किसान के सामने दोहरी परेशानी है। एक तरफ मंडी में उसकी फसल पड़ी है और दूसरी तरफ खेत में अगली फसल की तैयारी करनी है। अगर सरकारी व्यवस्था समय पर खरीद नहीं करती तो किसान मजबूरी में स्थानीय व्यापारी को कम दाम पर फसल बेचने के लिए मजबूर हो जाता है। एमएसपी सिर्फ घोषणा नहीं होनी चाहिए, किसान को मंडी में उसकी फसल का उचित मूल्य भी मिलना चाहिए।

धान की खरीद के इस समय में अधिकारियों का मंडियों से तीन-तीन, चार-चार दिन नदारद रहना गंभीर विषय है। खरीद व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि रविवार या किसी छुट्टी के दिन भी किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए इंतजार न करना पड़े। सरकार किसानों की परेशानी को समझे और तुरंत खरीद व्यवस्था को दुरुस्त करे।

कांग्रेस किसान की आवाज को दबने नहीं देगी। किसान को अगर अपनी ही फसल बेचने के लिए भटकना पड़े और अपनी मेहनत का पूरा मूल्य न मिले, तो कांग्रेस मजबूती से उसके साथ खड़ी रहेगी और इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक उठाएगी।

इस अवसर पर उपस्थित रहे— पराग गाबा, जिलाध्यक्ष, जिला कांग्रेस कमेटी (शहरी) करनाल, राजेश वैद, जिलाध्यक्ष, जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) करनाल, दिवांशु बुद्धिराजा, पूर्व लोकसभा प्रत्याशी, बख्शीस सिंह विर्क, पूर्व विधायक, राकेश कंबोज, पूर्व विधायक, सचिन कुंडू, पूर्व विधानसभा प्रत्याशी, इसके अलावा भूपी लठर, तेजी मान, जोगिंदर बाल्मीकि, तरुण चौहान, पंकज गाबा, ललित आहूजा, संदीप महाजन, सुरेंद्र लंबरदार, परवीन पूनिया, सोनी शर्मा, देवी सिंह, राकेश डाकवाला, सुरेश काचुआ, रौनक राम, विकास कंबोज, मानिक एवं हर्ताब उपस्थित रहे।