एसएएस नगर, 25 मई - पंजाबी हेरिटेज कल्चरल एंड वेलफेयर सोसायटी की बैठक सोसायटी के अध्यक्ष एवं पूर्व पार्षद सतवीर सिंह धनोआ के नेतृत्व में हुई, जिसमें सोसायटी की समस्याओं, मुद्दों और जन कल्याण कार्यों के बारे में रचनात्मक चर्चा की गई। शहर। इसके साथ ही लोकसभा चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों की सोच, विजन, वादों, प्लानिंग के साथ ही मोहाली शहर के चतुष्कोणीय विकास और जनकल्याण कार्यों पर चर्चा की गई, जिससे योग्य उम्मीदवार को चुनकर समर्थन देने का निर्णय लिया गया। बैठक के दौरान खासकर समाज से जुड़े युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया.
बैठक के दौरान वक्ताओं ने कहा कि उम्मीदवारों के अनाप-शनाप भाषणों और चुनावी प्रदर्शनों से प्रभावित हुए बिना मोहाली शहर के चतुर्मुखी विकास को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों का चयन किया जाना चाहिए। शहर में जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर, शहर की खूबसूरती और बदनाम दाग को हटाने के लिए प्रत्याशी का क्या विजन है. उन्होंने कहा कि यदि व्यवस्था दुरुस्त हो तो बिना किसी अतिरिक्त खर्च के कूड़े के ढेर को पूरी तरह खत्म किया जा सकता है। इस मौके पर मोहाली शहर के एंट्री प्वाइंटों को सुंदर और हरियाली से भरपूर बनाने की भी मांग उठाई गई। वक्ताओं ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में आवारा कुत्तों और आवारा जानवरों की समस्या काफी बढ़ गई है, जिसके लिए कभी कोई गंभीरता से काम नहीं किया गया। बारिश के पानी को जमीन में समाहित करने, शहरवासियों के लिए पीने के पानी की कमी दूर करने, सीवेज सिस्टम, ट्रैफिक जाम में सुधार और पार्कों को हरा-भरा बनाने पर भी खुली चर्चा हुई. शहर के रिहायशी इलाकों में खाली पड़े प्लांटों और अन्य जगहों पर प्रदूषण की समस्या काफी गंभीर बताई जा रही है. इसके अलावा लंबे समय से खाली पड़े गमाडा के प्लॉटों को कमर्शियल तौर पर इस्तेमाल करने के मुद्दे पर भी चर्चा की गई।
वक्ताओं ने कहा कि शहर में जगह-जगह संकरे व पुराने पुल भी राहगीरों के लिए बड़ी समस्या बन गये हैं. इनमें पीसीए स्टेडियम के पास का पुल, बलौंगी ब्रिज और फेज 9 के नेचर पार्क के पास का पुराना पुल शामिल है। इन सभी का विस्तार करना बहुत जरूरी है. इसके अलावा सेक्टर 76-80 के निवासियों का करोड़ों रुपये का पुराना बकाया वापस लेने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। पिछले दिनों सेक्टर 66 से 80 और एयरोसिटी के निवासियों द्वारा 5 गुना अधिक पानी के बिलों के भुगतान के बारे में भी चर्चा हुई और कहा गया कि जबरन अतिरिक्त वसूली के रिफंड के बारे में उम्मीदवारों का क्या कहना है? स्पष्ट किया।
वक्ताओं ने कहा कि इन सभी समस्याओं और मुद्दों के बारे में प्रत्याशियों के विचार और योजना की जानकारी होनी चाहिए कि वे इन्हें कैसे और कितने समय में हल करने में अपना योगदान देंगे. वक्ताओं ने कहा कि चुनाव जीतने के बाद प्रत्याशी तक आसान पहुंच के पहलू पर भी विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन्होंने सरकारी व निजी संस्थानों में पंजाबी भाषा व पंजाबी बच्चों के लिए 80 प्रतिशत आरक्षित रोजगार के लिए संघर्ष किया है।
बैठक के दौरान श्री सतवीर सिंह धनोआ ने कहा कि लोगों को मुफ्त उपहार (जिसके लिए सरकारों को कर्ज लेना पड़ता है) के बजाय अपने बच्चों के लिए रोजगार या व्यवसाय की मांग पुरजोर तरीके से करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस उम्मीदवार के पास उक्त समस्याओं और उनके समाधान के संबंध में बेहतर योजना, अच्छी दूरदर्शिता और गुणवत्तापूर्ण भविष्य की योजना है और लोगों की इन बुनियादी जरूरतों के प्रति उचित दृष्टिकोण है। उनका समर्थन करने और उन्हें चुनने का निर्णय लिया जाना चाहिए.'