करनाल, 3 जुलाई: हरियाणा में चल रही पुलिस भर्ती के दौरान अभ्यर्थियों द्वारा मांसपेशियां बढ़ाने और शारीरिक दक्षता परीक्षा में अनुचित लाभ लेने के उद्देश्य से एनाबॉलिक स्टेरॉयड के संभावित दुरुपयोग की सूचनाओं को गंभीरता से लेते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन, हरियाणा के आयुक्त मनोज कुमार तथा राज्य औषधि नियंत्रक रिपेन मेहता के निर्देश पर करनाल जिले में विशेष डिकॉय अभियान चलाया गया।
इस अभियान का नेतृत्व औषधि नियंत्रण अधिकारी रितु मेहला (करनाल-2) एवं औषधि नियंत्रण अधिकारी विकास राठी (करनाल-1) ने संयुक्त रूप से किया। अभियान के तहत करनाल, नीलोखेड़ी और तरावड़ी क्षेत्र के 17 मेडिकल स्टोर्स पर सरकारी डिकॉय (फर्जी ग्राहक) भेजकर औचक निरीक्षण किया गया, ताकि बिना चिकित्सकीय पर्चे के एनाबॉलिक स्टेरॉयड की अवैध बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
अभियान के प्रमुख निष्कर्ष
दो मेडिकल स्टोर्स पर डिकॉय ग्राहक को बिना वैध चिकित्सकीय पर्चे के एनाबॉलिक स्टेरॉयड बेचे जाने का मामला 8 सामने आया। इनमें मेसर्स जतिन मेडिकोज (हांसी रोड चौक, करनाल) और कन्हैया मेड स्टोर (वाल्मीकि मोहल्ला, तरावड़ी) शामिल हैं। जतिन मेडिकोज से डेका-ड्यूराबोलिन इंजेक्शन की अवैध बिक्री पकड़ी गई। निरीक्षण के दौरान संबंधित फर्म खरीद-बिक्री का वैध रिकॉर्ड भी प्रस्तुत नहीं कर सकी।
दो अन्य प्रतिष्ठानों—प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र (करनाल) और अभि मेडी पॉइंट (जीवन नगर, करनाल)—में निरीक्षण के दौरान एनाबॉलिक स्टेरॉयड का संदिग्ध स्टॉक मिला। दोनों प्रतिष्ठान इन दवाओं की खरीद एवं बिक्री से संबंधित वैध अभिलेख प्रस्तुत करने में असफल रहे।
अभियान का उद्देश्य
विभाग के अनुसार यह अभियान केवल नियमों के उल्लंघन की जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि पुलिस भर्ती सहित विभिन्न प्रतियोगी शारीरिक परीक्षाओं में प्रदर्शन बढ़ाने के लिए युवाओं द्वारा एनाबॉलिक स्टेरॉयड के बढ़ते दुरुपयोग पर रोक लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। बिना चिकित्सकीय सलाह के इन दवाओं का सेवन हार्मोनल असंतुलन, हृदय, यकृत (लीवर), गुर्दों तथा मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर और स्थायी दुष्प्रभाव डाल सकता है।
विभाग की सख्त चेतावनी
औषधि नियंत्रण विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना पंजीकृत चिकित्सक के वैध पर्चे के एनाबॉलिक स्टेरॉयड की बिक्री, बिना रिकॉर्ड स्टॉक रखना अथवा दवाओं की खरीद-बिक्री का विधिसम्मत अभिलेख न रखना गंभीर कानूनी उल्लंघन है। जिन चार प्रतिष्ठानों में अनियमितताएं पाई गई हैं, उनके विरुद्ध ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के प्रावधानों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
विभाग ने कहा कि युवाओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध भविष्य में भी पूरे प्रदेश में गुप्त डिकॉय ऑपरेशन, औचक निरीक्षण और विशेष प्रवर्तन अभियान लगातार जारी रहेंगे। किसी भी परिस्थिति में प्रतिबंधित अथवा प्रिस्क्रिप्शन आधारित दवाओं की अवैध बिक्री को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
