चंडीगढ़:- प्रसिद्ध ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जन डॉ. विद्या रतन ने प्रतिष्ठित पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGIMER), चंडीगढ़ के ओरल हेल्थ साइंसेज सेंटर (OHSC) के नए प्रमुख के रूप में आधिकारिक तौर पर पदभार संभाल लिया है। उन्होंने प्रो. सतिंदर पाल सिंह का स्थान लिया है, जो अपनी सेवानिवृत्ति के बाद पद से मुक्त हुए हैं।
डॉ. रतन अपने नए नेतृत्व की जिम्मेदारी के साथ दशकों का नैदानिक अनुभव, चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय नवाचार और उत्कृष्ट अकादमिक उपलब्धियों का अनुभव लेकर आए हैं।
PGIMER में अपने विशिष्ट करियर के दौरान, डॉ. विद्या रतन ने जटिल टेम्पोरोमैंडिबुलर जॉइंट (TMJ) सर्जरी, चेहरे एवं जबड़े की विकृतियों के सुधार तथा ओरोफेशियल ट्रॉमा के प्रबंधन के क्षेत्र में अग्रणी कार्य किया है। वह Journal of Oral Biology and Craniofacial Research के Editor-in-Chief हैं। वह Indian Board of Oral & Maxillofacial Surgery के चेयरमैन भी रह चुके हैं। वर्तमान में वह Association of Oral & Maxillofacial Surgeons of India के चंडीगढ़ चैप्टर के अध्यक्ष भी हैं। उन्होंने PGIMER की महत्वपूर्ण प्रशासनिक समितियों में भी सक्रिय रूप से सेवाएं दी हैं, जिनमें Biomedical Innovation Hub के अध्यक्ष के रूप में इसके कार्यों का प्रबंधन करना भी शामिल है।
उन्हें ऑर्थोग्नैथिक सर्जरी, TMJ विकारों, कटे होंठ एवं तालु (cleft lip and palate) के उपचार, ओरल ऑन्कोलॉजी तथा जटिल डेंटल इम्प्लांटोलॉजी के क्षेत्र में व्यापक रूप से मान्यता प्राप्त है। उन्होंने ऐसी सर्जिकल तकनीकें विकसित की हैं, जिनसे टेम्पोरोमैंडिबुलर जॉइंट एंकाइलोसिस (TMJ ankylosis) की पुनरावृत्ति की संभावना समाप्त हो गई है। जबड़े के जायंट सेल लीज़न्स (giant cell lesions) के प्रबंधन के लिए इंट्रालीज़नल डेनोसुमैब (denosumab) इंजेक्शन के उनके नवाचार ने विकृत करने वाली (mutilating) सर्जरी की आवश्यकता को समाप्त कर दिया है।
एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद के रूप में डॉ. रतन ने पाठ्यक्रम को आकार देने तथा भारत में मैक्सिलोफेशियल सर्जनों की कई पीढ़ियों को मार्गदर्शन प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित पीयर-रिव्यूड पत्रिकाओं में 170 से अधिक शोध प्रकाशन एवं पुस्तक अध्याय लिखे हैं और उनके कार्यों को महत्वपूर्ण संख्या में अकादमिक उद्धरण (academic citations) प्राप्त हुए हैं।
पदभार ग्रहण करने के अवसर पर डॉ. विद्या रतन ने ओरल हेल्थ साइंसेज सेंटर को सुलभ रोगी देखभाल और सर्वोत्तम संभव उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में आगे ले जाने की अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने विभाग के लक्ष्यों को रोगी देखभाल, डेंटल शिक्षा, शोध एवं सामुदायिक सेवाओं के क्षेत्र में देश का सर्वश्रेष्ठ केंद्र बनाने के साथ जोड़ने पर जोर दिया।