बलाचौर, 7 नवंबर (जतिंदरपाल सिंह क्लेर):- पंजाब में घातक नशों की छठी नदी तेजी से फैल रही है और इससे आने वाली पीढ़ियों को भारी नुकसान होगा। ये विचार साथी करण सिंह राणा, महासचिव, सांझा किसान मजदूर मोर्चा, संबद्ध भाई लालो लोक मंच पंजाब ने आज यहां प्रेस से बातचीत करते हुए व्यक्त किए।

साथी राणा ने कहा कि घातक नशों ने पिछले 20 वर्षों के दौरान पंजाब की युवा पीढ़ी के एक बड़े हिस्से को बर्बाद कर दिया है। पंजाब के लोग सत्ताधारियों के खिलाफ जोरदार संघर्ष कर रहे हैं और नशे के कारोबार तथा लत को रोकने की मांग कर रहे हैं, क्योंकि माताएं अपने बेटों को खो रही हैं। पंजाब में भाजपा, अकाली दल, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पिछले 20 वर्षों से सरकारें चला रही हैं, लेकिन घातक नशों का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन राजनीतिक दलों के वास्तविक मालिक पूंजीपति कॉरपोरेट घराने हैं, इसलिए यह स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है।

साथी राणा ने कहा कि सच्चाई यह है कि घातक नशों का कारोबार दुनिया के बड़े कॉरपोरेट घराने चलाते हैं, जो साम्राज्यवादी सरकारों और माफिया के साथ मिलकर मानवता-विरोधी कारोबार कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्री पंजाब को 29 तारीख तक नशामुक्त करने का झूठा वादा करके पंजाबियों के वोट हासिल करना चाहते हैं, जबकि केंद्र सरकार पूरी तरह पूंजीवादी कॉरपोरेट घरानों के हितों में काम कर रही है।

अपनी दलील के समर्थन में आंकड़े पेश करते हुए साथी राणा ने कहा कि 13 सितंबर 2021 को गुजरात स्थित अडानी के मुंद्रा बंदरगाह से 2,288 किलोग्राम हेरोइन बरामद हुई थी; मई 2022 में 52 किलोग्राम कोकीन, जुलाई 2022 में 70 किलोग्राम हेरोइन, फरवरी 2026 में 19 लाख नशीली गोलियां और 26 मई 2026 को 115 किलोग्राम कोकीन जब्त की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि वास्तविक दोषियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई। उनके अनुसार, इन बरामदगियों ने इस कथित गठजोड़ का पर्दाफाश कर दिया है।

साथी राणा ने कहा कि इन तथ्यों से स्पष्ट है कि भारतीय कॉरपोरेट घराने, केंद्र सरकार और बड़ा माफिया एक गठजोड़ बनाकर घातक नशों के कारोबार को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस गठजोड़ के तार अमेरिकी साम्राज्यवादी सत्ता से जुड़े हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि पूंजीवादी कॉरपोरेट घरानों द्वारा चलाई जा रही सरकारें घातक नशों को कैसे रोक सकती हैं। उन्होंने कहा कि कॉरपोरेट विकास का मॉडल कभी भी घातक नशों को खत्म नहीं कर सकता, बल्कि यही मॉडल नशों के कारोबार को बढ़ावा देता है।

उन्होंने पंजाबियों से अपील की कि घातक नशों को रोकने और आने वाली पीढ़ियों को बचाने के लिए जन आंदोलनों का दायरा व्यापक और मजबूत किया जाए, ताकि इन घातक नशों पर रोक लगाई जा सके। उन्होंने कहा कि केवल लोगों का संगठित संघर्ष ही पंजाब को इस दलदल से बाहर निकाल सकता है।