धूरी, 7 अक्तूबर 2026:- मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बुधवार को कहा कि पंजाब ने लाल लकीर में बने घरों के मालिकाना हक के लिए दशकों से चले आ रहे इंतजार को समाप्त कर दिया है। उन्होंने ‘मेरा घर मेरे नाम’ योजना के तहत परिवारों को संपत्ति स्वामित्व प्रमाण पत्र सौंपे और ऐसी प्रक्रिया की शुरुआत की, जिसके तहत कानूनी रूप से दर्ज स्वामित्व, संपत्ति की सीमाओं का नक्शा और संस्थागत ऋण तक पहुंच उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि इस पहल से विशेष रूप से गरीब, दलित और भूमिहीन परिवारों को लाभ होगा, जिनके घर पहले सरकारी रिकॉर्ड का हिस्सा नहीं थे, जबकि सटीक नक्शे और राजस्व रिकॉर्ड लंबे समय से चले आ रहे संपत्ति विवादों को हल करने में मदद करेंगे। धूरी में संपत्ति स्वामित्व कार्ड वितरित करने के बाद सीएम भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य ने पंजाब को लाल लकीर से मुक्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है और करीब 4,000 गांवों को जल्द उचित रजिस्ट्रियां मिलेंगी।

एक्स पर पोस्ट करते हुए सीएम भगवंत सिंह मान ने कहा: “धूरी रैली में उमड़ी भारी भीड़ ने साबित कर दिया है कि हमारे काम की गूंज पंजाब के हर घर तक पहुंच रही है। परिवारों के इर्द-गिर्द केंद्रित राजनीति को खत्म करके हमने पंजाब को ‘लाल लकीर’ से मुक्त करने की दिशा में ऐतिहासिक शुरुआत की है। करीब 4,000 गांवों को जल्द उचित संपत्ति रजिस्ट्रियां मिलेंगी। हमने धूरी को 47 करोड़ रुपये का जल प्रोजेक्ट दिया है। नहर का पानी खेतों के आखिरी छोर तक 88 प्रतिशत कृषि भूमि तक पहुंचने से हमारे किसानों की फसल पैदावार बढ़ी है। पंजाब में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में नंबर 1 होना और बिजली के शून्य बिल अब वास्तविकता हैं। केंद्रीय एजेंसियों की धमकियों से हम डरने वाले नहीं हैं। हमारा एकमात्र उद्देश्य निस्वार्थ भाव से पंजाब की सेवा करना है और पंजाबी किसी की धमकी बर्दाश्त नहीं करते। इंकलाब जिंदाबाद।”

सभा को संबोधित करते हुए सीएम भगवंत सिंह मान ने कहा, “’मेरा घर मेरे नाम’ योजना का उद्देश्य प्रत्येक पात्र परिवार को अपने घर का स्पष्ट मालिकाना हक और दस्तावेजी पहचान देना है। हमारा संकल्प यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक पात्र परिवार के घर को सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज किया जाए और परिवार को उसके स्वामित्व की पहचान करने वाला दस्तावेज मिले। यह पहल लोगों के अधिकारों, सम्मान और भविष्य की सुरक्षा को मजबूत करेगी।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “धूरी रैली में उमड़ी भारी भीड़ ने साबित कर दिया है कि हमारे काम की गूंज पंजाब के हर घर तक पहुंच रही है। परिवारों के इर्द-गिर्द केंद्रित राजनीति को खत्म करके हमने पंजाब को लाल लकीर से मुक्त करने की दिशा में ऐतिहासिक शुरुआत की है। करीब 4,000 गांवों को जल्द उचित संपत्ति रजिस्ट्रियां मिलेंगी।”

उन्होंने कहा, “घर का मालिक होना हर परिवार की भावनाओं, आकांक्षाओं और भविष्य की उम्मीदों से गहराई से जुड़ा है। अपने घर के स्वामित्व का स्पष्ट रिकॉर्ड होने से परिवार को सुरक्षा और आत्मविश्वास का एहसास होता है। ‘मेरा घर मेरे नाम’ योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पंजाब में कोई भी पात्र परिवार अपने घर के स्वामित्व अधिकारों को लेकर असुरक्षित महसूस न करे।”

सीएम भगवंत सिंह मान ने कहा, “गांवों में कई परिवार पीढ़ियों से लाल लकीर के भीतर अपने घरों में रह रहे हैं और औपचारिक स्वामित्व रिकॉर्ड के अभाव में उन्हें अक्सर विभिन्न कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे घर का स्पष्ट स्वामित्व दस्तावेज होना, जिसमें परिवार की कई पीढ़ियां रह चुकी हों, बेहद महत्वपूर्ण है। ‘मेरा घर मेरे नाम’ योजना का मुख्य उद्देश्य पात्र परिवारों को उनके घरों पर स्वामित्व अधिकारों की कानूनी मान्यता देना है।”

योजना को जन-केंद्रित पहल बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “लोगों को उनके घरों के स्वामित्व दस्तावेज उपलब्ध कराकर यह योजना औपचारिक संपत्ति रिकॉर्ड में लंबे समय से चली आ रही कमी को दूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रॉपर्टी कार्ड परिवार को यह आश्वासन देता है कि उसके घर की पहचान और उसके स्वामित्व से संबंधित जानकारी आधिकारिक रूप से दर्ज कर दी गई है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “इस योजना के तहत संपत्तियों की सीमांकन और मैपिंग के लिए ड्रोन सर्वे और आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। सर्वे के माध्यम से घरों की स्थिति और सीमाओं की पहचान की जा रही है और स्वामित्व से संबंधित रिकॉर्ड तैयार किए जा रहे हैं। इस प्रक्रिया का उद्देश्य लोगों के अधिकारों को स्पष्ट रूप से स्थापित करना और संपत्ति रिकॉर्ड में अधिक पारदर्शिता लाना है, जिससे भविष्य में स्वामित्व को लेकर अस्पष्टता कम हो।”

उन्होंने कहा, “प्रॉपर्टी कार्ड जारी होने के साथ पात्र लाभार्थियों को अपने घरों के स्वामित्व से संबंधित दस्तावेजी पहचान और कानूनी संरक्षण मिलेगा। घर की सीमाओं और स्वामित्व के स्पष्ट रिकॉर्ड से संपत्ति के मालिकाना हक से संबंधित गलतफहमियों और विवादों को कम करने में मदद मिलेगी। औपचारिक संपत्ति रिकॉर्ड बैंकों से ऋण के लिए आवेदन की प्रक्रिया को भी सुगम बना सकते हैं, लेकिन किसी भी ऋण की मंजूरी संबंधित बैंक के नियमों और पात्रता मानदंडों के अधीन होगी।”

उन्होंने कहा कि इस पहल से लोगों को अपने घरों के रखरखाव और सुधार तथा परिवार के भविष्य की योजना बनाने के लिए अधिक आत्मविश्वास मिलेगा। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि इस योजना का लाभ प्रत्येक पात्र परिवार तक पहुंचे और उनके घरों से संबंधित स्वामित्व रिकॉर्ड स्पष्ट रूप से स्थापित हो।”

लाभार्थियों से भावनात्मक अपील करते हुए सीएम भगवंत सिंह मान ने कहा, “मैं सभी लाभार्थियों से अपील करता हूं कि वे अपने प्रॉपर्टी कार्ड में दर्ज नाम, घर का विवरण और अन्य जानकारी को ध्यानपूर्वक सत्यापित करें। किसी भी गलती या अस्पष्टता की स्थिति में संबंधित अधिकारियों के ध्यान में यह मामला लाएं।”

चरणबद्ध वितरण का विवरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पहले चरण में पंजाब के 2,295 गांवों में प्रॉपर्टी कार्ड वितरित किए जाने प्रस्तावित हैं, जिनमें संगरूर जिले के 221 गांव शामिल हैं। दूसरे चरण में पंजाब के 1,668 गांवों में प्रॉपर्टी कार्ड वितरित किए जाएंगे। तीसरा चरण नवंबर में और चौथा दिसंबर में चलेगा।”

उन्होंने कहा कि चरणबद्ध वितरण की योजना यह सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है कि अधिकतम संख्या में पात्र लाभार्थियों तक प्रॉपर्टी कार्ड सुचारू और व्यवस्थित तरीके से पहुंचें। उन्होंने कहा, “मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे सर्वे, रिकॉर्ड के सत्यापन और प्रॉपर्टी कार्ड के वितरण के दौरान संबंधित टीमों के साथ सहयोग करें। यह जनहितैषी योजना मिशन मोड में लागू की जा रही है और इस वर्ष के अंत तक पूरे राज्य को कवर करेगी।”

सीएम भगवंत सिंह मान ने राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों को भी रेखांकित करते हुए कहा, “हमने धूरी को 47 करोड़ रुपये का जल प्रोजेक्ट दिया है। नहर का पानी खेतों के आखिरी छोर तक 88 प्रतिशत कृषि भूमि तक पहुंचने से हमारे किसानों की फसल पैदावार बढ़ी है। पंजाब में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में नंबर 1 होना और बिजली के शून्य बिल अब वास्तविकता हैं।”

सीएम भगवंत सिंह मान ने कहा, “केंद्रीय एजेंसियों की धमकियों से हम डरने वाले नहीं हैं। हमारा एकमात्र उद्देश्य निस्वार्थ भाव से पंजाब की सेवा करना है और पंजाबी किसी की धमकी बर्दाश्त नहीं करते।”

परिवारों को सुरक्षित मालिकाना हक देने की पारदर्शी प्रक्रिया

‘मेरा घर मेरे नाम’ का महत्व केवल प्रॉपर्टी कार्ड सौंपने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन घरों के लिए आधिकारिक और सत्यापित अधिकार रिकॉर्ड तैयार करने में है, जो ऐतिहासिक रूप से औपचारिक राजस्व रिकॉर्ड से बाहर रहे हैं। इस प्रक्रिया के तहत अधिसूचित आबादी क्षेत्र में प्रत्येक घर और प्लॉट का आधुनिक तकनीक, जिसमें ड्रोन मैपिंग भी शामिल है, के माध्यम से सर्वे और मैपिंग की जाती है। वहीं ग्राम स्तरीय समिति की मौजूदगी में पटवारी या सर्वे अधिकारी द्वारा घर-घर जाकर मालिक की पहचान की जाती है। प्रारंभिक नक्शा और स्वामित्व विवरण गांव में सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किए जाते हैं और पंचायत के साथ साझा किए जाते हैं, जबकि मालिकों को अपने विवरण व्हाट्सऐप पर भी भेजे जाते हैं ताकि वे प्रविष्टियों का सत्यापन कर सकें और रिकॉर्ड को अंतिम रूप देने से पहले सुधार के लिए अनुरोध कर सकें। यह पारदर्शी सत्यापन प्रक्रिया परिवारों को अंतिम अधिकार रिकॉर्ड का हिस्सा बनने से पहले अपने स्वामित्व विवरण की जांच करने का अवसर देती है।

अंतिम रूप दिए जाने के बाद अधिकार रिकॉर्ड को औपचारिक रूप से प्रमाणित किया जाता है और उसी के आधार पर प्रॉपर्टी कार्ड तैयार किया जाता है। कार्ड में सर्वे यूनिट नंबर, जीपीएस लोकेशन, ड्रोन मैप और ऑनलाइन सत्यापन के लिए क्यूआर कोड होता है, जिससे परिवार को अपनी संपत्ति का दस्तावेजी और सत्यापन योग्य रिकॉर्ड मिलता है। यह विशेष रूप से गरीब और अनुसूचित जाति के उन परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है, जिनके पास आबादी क्षेत्र के बाहर कोई जमीन नहीं है और जिनके लिए उनका घर ही एकमात्र संपत्ति हो सकता है। औपचारिक मान्यता से स्वामित्व की अधिक सुरक्षा मिल सकती है, संपत्ति की सीमाएं तय करने और विवाद कम करने में मदद मिल सकती है, जबकि व्यापार, खेती, शिक्षा या स्वास्थ्य के लिए बैंक ऋण लेने हेतु संपत्ति को जमानत के रूप में भी पेश किया जा सकता है। यह रिकॉर्ड पंजीकरण, हस्तांतरण और विरासत की प्रक्रिया में भी सहायता कर सकता है, जिसमें प्रत्येक सह-स्वामी का हिस्सा दर्ज किया जाएगा। वहीं ग्राम पंचायतों को गांव के विकास की योजना बनाने के लिए घरों, सड़कों, नालियों और सार्वजनिक स्थानों के सटीक नक्शे मिलेंगे, जबकि प्रशासन को डिजिटाइज्ड और सटीक गांव के रिकॉर्ड प्राप्त होंगे।