संगरूर, 7 अक्तूबर 2026:- मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बुधवार को धूरी और संगरूर के लोगों को 47 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से गांव बरड़वाल में 14 एमएलडी क्षमता वाले जल उपचार संयंत्र की आधारशिला रखकर स्वच्छ पेयजल की एक बड़ी परियोजना का तोहफा दिया। उन्होंने कहा कि यह संयंत्र नहरी पानी को उपचारित कर उसे पीने योग्य बनाएगा, जिससे लाखों निवासियों को स्वच्छ पानी मिलेगा और भूजल पर निर्भरता भी कम होगी। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार ने मात्र चार वर्षों में 14,000 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाकर कृषि क्षेत्रों में नहरी पानी की पहुंच 22 प्रतिशत से बढ़ाकर 88 प्रतिशत कर दी है, जिसके परिणामस्वरूप जिन क्षेत्रों में नहरी पानी की उपलब्धता में सुधार हुआ है, वहां धान की पैदावार में प्रति एकड़ चार क्विंटल तक वृद्धि हुई है।

एक्स पर पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज हमने धूरी के लोगों को 47 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित 14 एमएलडी क्षमता वाले जल उपचार संयंत्र के रूप में एक बड़ा तोहफा दिया है। अब नहरी पानी को उपचारित कर पूरी तरह पीने योग्य बनाया जाएगा और शहर तथा आसपास के क्षेत्रों के निवासियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाया जाएगा। हमारी सरकार ने नहरी पानी के उपयोग को 22 प्रतिशत से बढ़ाकर 88 प्रतिशत किया है, जिससे न केवल फसल की पैदावार बढ़ी है बल्कि भूजल संरक्षण में भी मदद मिली है। आज से हम लाल डोरा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली भूमि के पंजीकरण की प्रक्रिया भी शुरू कर रहे हैं, ताकि लोगों को अपने घरों पर स्थायी स्वामित्व अधिकार मिल सकें…”

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इस परियोजना का उद्देश्य धूरी शहर की जलापूर्ति व्यवस्था को और मजबूत करना है। कुल 47.38 करोड़ रुपये की लागत से नहरी पानी पर आधारित जलापूर्ति परियोजना लागू की जा रही है, जिसके तहत 14 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रति दिन) क्षमता वाला जल उपचार संयंत्र स्थापित किया जाएगा।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “इस जल उपचार संयंत्र के माध्यम से नहरी पानी को उपचारित कर लोगों को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध करवाया जाएगा। धूरी शहर के निवासियों को इस परियोजना का सीधा लाभ मिलेगा और इसके पूरा होने पर लगभग 85,000 धूरी निवासियों को बेहतर जलापूर्ति सुविधाओं का लाभ मिलेगा।”

उन्होंने कहा, “यह करोड़ों रुपये की परियोजना न केवल धूरी के शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए तैयार की गई है, बल्कि शहर की वर्तमान और भविष्य की जल आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए भी बनाई गई है। इसका मुख्य उद्देश्य धूरी के लोगों को बेहतर गुणवत्ता वाली और विश्वसनीय जलापूर्ति उपलब्ध करवाना है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “भूजल हमारे सबसे बड़े प्राकृतिक संसाधनों में से एक है, लेकिन इसके स्तर में लगातार हो रही गिरावट हम सभी के लिए गंभीर चिंता का विषय है। राज्य सरकार ने भूजल पर निर्भरता कम करने और नहरी पानी का अधिकतम तथा विवेकपूर्ण उपयोग करने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारा एकमात्र उद्देश्य इस बहुमूल्य संसाधन को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना है और इस दिशा में अथक प्रयास किए जा रहे हैं। जब हमारी सरकार ने कार्यभार संभाला था, तब कृषि में इस्तेमाल होने वाले पानी का केवल 22 प्रतिशत हिस्सा नहरों के माध्यम से आता था, लेकिन अब यह आंकड़ा बढ़कर 88 प्रतिशत हो गया है। स्वच्छ पेयजल किसी भी नागरिक के लिए विलासिता नहीं है; यह हर व्यक्ति की बुनियादी आवश्यकता और अधिकार है। दूषित या प्रदूषित पानी कई गंभीर बीमारियों का मूल कारण है।”

उन्होंने कहा, “इस परियोजना के लागू होने से धूरी के लोग, विशेष रूप से हमारी माताएं, बहनें और बच्चे, अधिक स्वस्थ जीवन जी सकेंगे और जलजनित बीमारियों से सुरक्षित रहेंगे। राज्य सरकार का एकमात्र उद्देश्य पंजाब का सर्वांगीण विकास है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हम केवल कागजों पर घोषणाएं नहीं करते। हम जमीन पर परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने में विश्वास रखते हैं। 47.38 करोड़ रुपये की यह परियोजना उस प्रतिबद्धता और नेक नीयत का प्रमाण है। धूरी शहर से मेरा विशेष लगाव है। इस क्षेत्र के लोगों ने मुझे जो प्यार और विश्वास दिया है, वह एक ऐसा ऋण है जिसे मैं क्षेत्र में बड़े और परिवर्तनकारी विकास प्रोजेक्ट लाकर चुकाऊंगा।”

उन्होंने कहा, “भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार धूरी के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी।”