पटियाला, 14 अक्टूबर:- क्लास फोर गवर्नमेंट एम्प्लॉइज यूनियन पंजाब (1680) के बैनर तले सरकारी कॉलेजों के अस्थायी और स्थायी चौथे दर्जे के कर्मचारियों ने सरकारी फिजिकल कॉलेज के बाहर गेट रैली कर प्रिंसिपल के खिलाफ रोष जताया। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि प्रिंसिपल ने लंबे समय से सेवा कर रहे चौथे दर्जे के कर्मचारी शलिंदर को बिना कोई नोटिस दिए और अपना पक्ष रखने का अवसर दिए बिना नौकरी से हटा दिया। यूनियन ने कहा कि बार-बार अनुरोध करने और लिखित पत्राचार करने के बावजूद उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया गया। उल्लेखनीय है कि यह कॉलेज महाराजा भूपिंदर सिंह स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के अधीन आता है।
रैली को संबोधित करते हुए यूनियन नेताओं दर्शन सिंह लुबाना, राम लाल रामा, राम जोधा, बुध राम, प्रकाश सिंह लुबाना, इंदरपाल वालिया, लखवीर सिंह और सतनाम सिंह बागबानी ने प्रिंसिपल के फैसले को तानाशाहीपूर्ण बताया।
नेताओं ने कहा कि पंजाब के 64 सरकारी कॉलेजों में लंबे समय से काम कर रहे अस्थायी चौथे दर्जे के कर्मचारियों को नियमित करने के लिए उच्च शिक्षा अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि 7 जुलाई 2026 को उच्च शिक्षा विभाग, कॉलेजों, पंजाब के निदेशक के साथ हुई बैठकों में कर्मचारियों की मांगों पर लिए गए फैसलों को लागू नहीं किया गया। इनमें न्यूनतम वेतन लागू करना और वेतन के बकाया भुगतान की मांगें शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कॉलेज प्रिंसिपल जानबूझकर बकाया वेतन का भुगतान नहीं कर रहे हैं। यूनियन ने कहा कि मांगें पूरी न होने पर आगे के संघर्ष की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
गेट रैली में तरलोचन माड़ू, सुनील दत्त, राम नरेश और बिधि चंद नाभा सहित अन्य नेता भी उपस्थित थे।
रैली के दौरान डीएसपी सिटी संजीव सिंह ने बातचीत कर कुलपति के साथ बैठक का समय निर्धारित करवाया।
