हांसी (दिनकर):- उपायुक्त राहुल नरवाल के मार्गदर्शन में जिला बाल कल्याण परिषद, हांसी द्वारा बाल महोत्सव के तीसरे दिन सोलो सॉन्ग, हरियाणवी रागनी एवं भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी गायन प्रतिभा, हरियाणवी लोक संस्कृति की समझ और अभिव्यक्ति कौशल का प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने अतिथियों और दर्शकों को प्रभावित किया।
बाल महोत्सव का उद्देश्य बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने, आत्मविश्वास बढ़ाने, रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने और व्यक्तित्व विकास का मंच प्रदान करना है। इसके माध्यम से बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है।
कार्यक्रम में बार एसोसिएशन हांसी के प्रधान एडवोकेट सुदेश कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। बार एसोसिएशन की उपप्रधान एडवोकेट नीलम तथा उपप्रधान अजय सचदेवा विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। आयोजकों द्वारा अतिथियों का स्वागत किया गया।
इस अवसर पर एडवोकेट सुदेश कुमार ने कहा कि बाल महोत्सव बच्चों की छिपी प्रतिभाओं को पहचानने और निखारने का महत्वपूर्ण माध्यम है। प्रत्येक बच्चे में कोई न कोई विशेष प्रतिभा होती है, जिसे उचित मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और अवसरों की आवश्यकता होती है। ऐसे आयोजन बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और रचनात्मक सोच विकसित करने के साथ स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना भी बढ़ाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों में भी भाग लेने के लिए प्रेरित किया और कहा कि नियमित अभ्यास, मेहनत तथा लगन से बच्चे अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।
बच्चों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है बाल महोत्सव : ओमप्रकाश
जिला बाल कल्याण अधिकारी ओमप्रकाश ने कहा कि परिषद का उद्देश्य बच्चों को एक सकारात्मक एवं प्रेरणादायक मंच उपलब्ध करवाना है, जहां वे अपनी प्रतिभा को पहचानकर उसका प्रदर्शन कर सकें। बाल महोत्सव बच्चों के सर्वांगीण विकास, आत्मविश्वास बढ़ाने, रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने और सांस्कृतिक रुचियों को विकसित करने में सहायक है। ऐसी प्रतियोगिताओं से बच्चों को सीखने, अनुभव प्राप्त करने और अपनी कमियों में सुधार करने का अवसर मिलता है। उन्होंने स्कूलों, शिक्षकों और अभिभावकों से बच्चों को इन गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने की अपील की। उन्होंने निर्णायक मंडल की महत्वपूर्ण भूमिका पर भी प्रकाश डाला।
इस अवसर पर लोकेश शर्मा, संदीप रामायण, रवि बुमराह, विजेंद्र मेहरा, सुखविंदर सिंह सुखी, कार्यक्रम अधिकारी मोनिका, ऋषि सैनी तथा जिला बाल कल्याण परिषद का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।
30 अक्टूबर को होंगी चित्रकला, रंगोली, क्ले मॉडलिंग और नृत्य प्रतियोगिताएं
महोत्सव के चौथे दिन 30 अक्टूबर को ऑन-द-स्पॉट स्केचिंग, रंगोली, क्ले मॉडलिंग, सोलो डांस और ग्रुप डांस प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इन प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों को अपनी चित्रकला, कल्पनाशक्ति, कलात्मक क्षमता और नृत्य प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।
ओमप्रकाश ने विद्यार्थियों, स्कूलों और शिक्षकों से अपील की कि वे अधिक से अधिक बच्चों को महोत्सव में भाग लेने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों को अपनी प्रतिभा पहचानने, आत्मविश्वास बढ़ाने और भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं से जुड़ने में मदद करते हैं।
जिला बाल कल्याण परिषद ने अतिथियों, निर्णायकों, स्कूलों, शिक्षकों और भाग लेने वाले बच्चों का सहयोग एवं सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया।
